सीहोर में नाबालिग का अपहरण कर 20 दिन तक दुष्कर्म करने पर कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अभिलाष जैन की न्यायालय में हुआ।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी और पैरवीकर्ता केदार सिंह कौरव ने बताया कि अभियोजन की कहानी इस प्रकार है कि फरियादिया ने अपनी छोटी बहन के पति के साथ थाना बिलकिसगंज में उपस्थित होकर 11़ जनवरी 2022 को प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई थी। इसमें बताया कि करीब दो महीने पहले मेरी छोटी बहन की लड़की मेरे घर रहने व पढ़ने के लिए आई थी। 10 जनवरी 2022 को दोपहर करीब दो बजे घर पर ही थी। तबीयत खराब होने से मैं सो रही थी, फिर मैं जब उठी तो पीड़िता को आवाज दी तो वह नहीं थी। फिर मैं उठकर इधर-उधर देखा तो वह घर पर नहीं थी। फिर मैंने अपने रिश्तेदारों को सूचना दी और उनके आने पर हम दोनों पीड़िता की तलाश आस-पड़ोस व रिश्तेदारी में की। लेकिन पीड़िता का पता नहीं चला। पीड़िता को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगा कर कहीं ले गया है।
एक फरवरी 2022 को पुलिस द्वारा पीड़िता को आरोपी महेश पिता अनोखीलाल (24) निवासी बालागावं थाना भैरूंदा जिला सीहोर के कब्जे से दस्तयाब किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी का मेरे पास फोन आया और वह मोटर साइकिल से अपने गांव लेकर गया और एक खेत में बने ग्वाडे के कमरे में लगभग 20 दिन रखा और उसके साथ गलत काम किया। पुलिस के आने पर आरोपी और पीड़िता को अपने अभिरक्षा में लिया। पीड़िता से पूछताछ उपरांत प्रकरण में धारा-363, 366, 344, 376(2)(एन), 506 भादवि एवं 5/6 पॉक्सो का इजाफा किया गया।
प्रकरण में अनुसंधानकर्ता द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पीड़िता की उक्त घटना के आधार पर आरोपी के विरूद्ध थाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई एवं समस्त अनुसंधान के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एंव लिखित तर्के से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए धारा-5 (एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम में 20 साल का सश्रम कारावास एवं धारा-3(2)(वी) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और कुल 2500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।