सीहोर जिले में फर्जी दस्तावेज बनाकर वर्ग विशेष के लोगों ने अनुसुचित जाति वर्ग के कई ग्रामीणों की पट्टे की जमीन हड़प ली है। श्यामपुर तहसील के पान बिहार, कादमपुर, बिछिया, निवारिया और मुख्तयार नगर में इस तरह का बड़ा खेल चल रहा है। सरकार के द्वारा पालन-पोषण के लिए दी गई जमीन के डरे सहमें पट्टेदार ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मंगलवार को डिप्टी कलेक्टर सतीष राय को शिकायती पत्र दिया है।
ग्रामीणों ने कहा, विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों को जान से मारने और गांव से भगाने की खुली धमकी दी जाती है। जायज शिकायतों के बाद भी पूरा राजस्व अमला और पुलिसकर्मी जमीनों के इन काले सौदागरों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं होती है। पहले लालच देना, कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाना और फिर तहसील के कर्मचारियों की मदद से पट्टे की जमीन को अपने नाम करा लेना, इनके लिए मामूली बात है।
राजस्व का नियम क्या कहता है...
राजस्व विभाग के नियमों के मुताबिक, पट्टे की जमीन न कोई बेच सकता है और न ही कोई खरीद सकता है। लेकिन श्यामपुर तहसील में सब कुछ हो रहा है। अनुसुचित जाति वर्ग को शासन द्वारा प्रदत्त पट्टों की कृषि भूमी पर वर्ग विशेष के अवैधानिक कब्जा करने वालों में शासकीय सेवक और जनप्रतिनिधि नेता भी शामिल हैं। डरा-धमकाकर जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है, न तो हमने जमीनें बेची हैं और न ही किसी अन्य के नाम करवाई है। ये लोग हम लोगों को गांव से पलायन करने को मजबूर कर रहे हैं।
इन लोगों ने की शिकायत...
पान बिहार, कादमपुर, बिछिया, निवारिया और मुख्तयार नगर के पीड़ित रामप्रसाद, लीला बाई, सावित्री बाई, सुरेश, कौश्ल्या बाई, अयोध्या बाई, अर्जुन, पंकज और महेश आदि ने मामले की पूरी निष्पक्ष जांच करने की बात कही। साथ ही फर्जी दस्तावेजों से पट्टे वाली जमीन हड़पने वालों, अत्याचार करने वालों और फर्जीवाड़े में सहयोग करने वाले शासकीय कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन से की है।