नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाने के बाद जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म करने वाले ग्रामीण युवक और उसके दो दोस्तों को कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध मानते हुए तीनों दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे आष्टा ने प्रकरण में फैसला सुनाते हुए अभियुक्तगण गोलू उर्फ अंजुल पिता विक्रमसिंह परमार (25), बीनू उर्फ सद्दाम पिता इब्राहिम खां (29) एवं दीपू उर्फ रविन्द्र पिता लखन सिंह परमार (31) निवासीगण ग्राम अरनिया दाउद तहसील आष्टा जिला सीहोर को धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं सात-सात हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 366 भादवि में पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पांच सितंबर 2022 को पीड़िता ने थाना में लिखित आवेदन दिया था। इसमें बताया कि उसके गांव के पास वाले गांव अरनिया दाउद का गोलू उर्फ अंजुल परमार हमारे गांव में आता जाता रहता था, इसलिये मेरी उससे जान पहचान हो गई थी। आज से करीब एक साल पहले गोलू ने मुझे इंस्टाग्राम पर मैसेज किया था तो हमारी बातचीत होने लगी थी, फिर उसने मेरा मोबाइल नम्बर मांगा था तो मैंने उसे अपनी चाची का मोबाइल नंबर दिया था। फिर मेरी गोलू से फोन पर भी बातचीत होने लगी थी। अक्टूबर 2021 में गोलू ने मुझे फोन पर प्रपोज किया, मैंने उसे मना कर दिया। उसने मुझे धमकाया भी कि यदि तूने मुझसे शादी के लिए हां नहीं की तो मैं तेरी शादी किसी से नहीं होने दूंगा और तुझे व तेरे घरवालों को बदनाम कर दूंगा।
4 सितंबर 2022 को गोलू और उसके दो दोस्तों ने मेरा अपहरण कर लिया। वो तीनों मुझे लेकर जताखेड़ा जोड पर ले गए। सबसे पहले गोलू ने मेरे साथ जोर जबर्दस्त शारीरिक संबंध बनाकर मेरा दुष्कर्म किया। इसके बाद उन दोनों लड़कों ने भी रेप किया। मैं जैसे-तैसे भागकर घर पहुंची और घरवालों को सारी बात बताई। फिर थाने पर शिकायत की। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की और मामला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को दोषी करार देकर सजा सुनाई।