बुधवारा के शासकीय माध्यमिक शाला की हालत खराब है।
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अव्यवस्थाओं से जूझ रहे धवारा के शासकीय माध्यमिक शाला में मंगलवार को तहसीलदार ने औचक निरीक्षण किया। अनियमितताओं से पाला पड़ने पर तहसीलदार ने सख्त चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बुधवारा के शासकीय माध्यमिक शाला में पढ़ाई को लेकर चिंतित पालक ने मंगलवार को प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। पालक कृपाल सिंह मेवाडा ने प्रातः आष्टा तहसीलदार लाखनसिंह चौधरी के समक्ष उपस्थित होकर शाला की विकट समस्याओं से अवगत कराया तथा जानकारी दी कि इस विद्यालय में जिन बच्चों को अध्ययन के लिए भर्ती किया गया है उनका अध्ययन कार्य किस तरह से प्रभावित हो रहा है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार चौधरी अचानक शासकीय माध्यमिक शाला बुधवारा पहुंचे, जैसे ही में पहुंचे नए तहसीलदार के रूप में पदस्थ होने के कारण विद्यालय के शिक्षकों ने उन्हें पहचाना ही नहीं। जब उन्हें बताया गया कि तहसीलदार साहब हैं तब भाग-दौड़ मच गई। तहसीलदार ने विद्यालय का निरीक्षण किया जिसमें कई अनियमितताएं पहली दृष्टि में ही तहसीलदार को नजर आ गईं।
तहसीलदार की चेतावनी- सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें
शाला भवन की छत काफी जर्जर हो चुकी है।
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उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष जैन के कक्ष में बैठकर उन्हें काफी गंभीरता से समझाया। सख्त निर्देश दिए हैं कि आप विद्यालय में अपनी व्यवस्थाओं को सुधार लें। वापस औचक निरीक्षण करूंगा। अगर उसके बाद भी व्यवस्थाओ में सुधार नजर नहीं आया तो कार्रवाई के लिए भी तैयार रहें। इस अवसर पर विद्यालय पहुंचे तहसीलदार को विद्यालय के प्रमुख जैन ने भी विद्यालय कि काफी समस्याओं से तहसीलदार को भी अवगत कराया। विद्यालय की जर्जर स्थिति को भी उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के अंदर तीन मतदान केंद्र हैं, तीनों मतदान केंद्रों के कमरों की हालत जर्जर है। वर्षों पुराना स्कूल भवन भी अब जवाब देने लगा है।
इसको लेकर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में वे नगर पालिका के अधिकारियों से चर्चा करेंगे। तहसीलदार ने विद्यालय के शिक्षकों को भी कहा कि वे पढ़ाई के प्रति गम्भीरता दिखाएं। इन बच्चों का भविष्य आपके हाथों में है। आज विद्यालय में उपस्थिति भी काफी कम थी। कारण कोरोना बताया गया। बता दें आष्टा के इस विद्यालय का चयन सीएम राइस स्कूल केम्पस-2 के रूप में हो गया है, जो सब समस्याओं का निदान कर देगा, लेकिन इसके लिये इस विद्यालय को लंबा इतंजार करना होगा।