असली बताकर नकली चांदी के जेवर बेचने वाली कंपनी के पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आष्टा के अंजनी नगर में रहने वाली कुछ महिलाओं ने 2 दिन पहले आष्टा थाना पहुंचकर एक लिखित शिकायत की कि उन्हें एक कंपनी के मैनेजर और उनके अन्य साथियों ने माइक्रो कंपनी का प्रचार-प्रसार को लेकर एक मीटिंग बुलाई थी। जिसमें उन्होंने हमें चांदी के जेवर बेचे थे। चांदी के जेवर, पायजेब की जांच दूसरी दुकान पर करवाई गई। तब पता चला कि वे जेवर नकली हैं।
पुलिस ने बताया कि 13 दिसंबर को फरियादी कलीबाई विश्वकर्मा ने थाने में एक लिखित आवेदन दिया था। जिसे पुलिस ने जांच में लिया। जांच के बाद पाया कि 13 दिसंबर को फरियादी और उनके साथी रानी बाई, वर्षा बाई, चंदाबाई को कंपनी द्वारा एक मीटिंग में बुलाया गया था। जिसमें संदीप, उसके ब्रांच मैनेजर कमल सिंह गुर्जर, दिलीप गुर्जर, संदीप गुर्जर व एक अन्य ने माइक्रो कंपनी के प्रचार-प्रसार के नाम पर चांदी के जेवर दिए। कली ने जब जेवर की सुनार से जांच करवाई तब पता चला कि यह जेवर तो नकली हैं। फरियादी ने आष्टा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। आष्टा पुलिस ने मामले की जांच की, जिसमें कंपनी के 5 लोगों पर आष्टा पुलिस ने 420 और 34 का मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने इन सभी को जेल भेज दिया है।