गौवंश को क्रूरता पूर्वक भरकर ले जाने एवं अधिक मात्रा में देशी शराब को अपने आधिपत्य में रखने वाले छह लोगों को कोर्ट ने एक-एक साल का कठोर कारावास एवं कुल 2 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिलाष जैन ने अभियुक्तगण लियाकत पिता छुट्टन खां, गिरिराज पिता रामगोपाल गुप्ता, हेमू पिता पुरुषोत्तम शर्मा, घनश्याम पिता बद्रीलाल गुप्ता, सुरेन्द्र पिता कल्याण सिंह एवं मंडा पिता हरलाल को धारा 34(2) मप्र आबकारी अधिनियम, धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम, 4, 6, 9 गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम में दोषी मानते हुए 1-1 वर्ष का कठोर कारावास एवं कुल 2 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार मामला 2014 में फरवरी का है। सभी आरोपी ब्यावरा तरफ से ट्रक क्रमांक एम.पी. 09 एच.जी. 1144 व ट्रक क्रमांक एम.पी. 09 एच. ए. 320 में क्रूरता पूर्वक मवेशी भरकर आष्टा के रास्ते खंडवा ले जा रहे थे। आष्टा पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों ट्रकों को पकड़ा। दोनों ट्रकों के अंदर 21-21 नग केड़े भरे हुए थे, जिनके पैर व मुंह रस्सी से बंधे हुए थे तथा ट्रकों के कैबिनों में 55-55 लीटर शराब की कैनें रखी हुई थी। पुलिस द्वारा संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई तो दस्तावेज न होना बताया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।