मंदसौर शहर के मध्य बहने वाली शिवना नदी किनारे स्थित विश्वविख्यात अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खुलते ही भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करने के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्तों ने यहां भगवान का जलाभिषेक कर पुष्प, धतूरा व बिल्व पत्र अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की।
इस बार सावन दो माह का होने के चलते भी भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए भक्त यहां दूर दूर से पहुंच रहे हैं और बारी-बारी से भगवान के दर्शन कर रहे हैं। आज सावन के सोमवार पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया गया। भक्तों ने बाहर से ही कतारबद्ध होकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह 7 बजे भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक कर नयाभिराम शृंगार किया गया। उसके बाद आरती की गई। इसमें सैकड़ों भक्त सम्मिलित हुए।
सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही नजर
सावन में पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए सुबह से लेकर रात तक हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं, जिसको देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में 51 सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं, जिससे मंदिर परिसर में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। वहीं भीड़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि कोई अव्यवस्था ना हो।
सावन माह में होंगे शाही सवारी व छप्पन भोग के अयोजन
भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के प्रातःकालीन आरती मंडल द्वारा सावन माह में प्रति वर्ष शाही सवारी व छप्पन भोग का अयोजन किया जाता है। उसी के तहत इस वर्ष भी 27 अगस्त को विशाल वाहन रैली निकाली जाएगी, वहीं अंतिम सोमवार 28 अगस्त को भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी निकाली जाएगी। जिसमें नासिक के नगाड़े, उज्जैन की ताशा पार्टी व दिल्ली के कलाकारों की झाकियां शामिल होंगी जो भगवान का स्वांग धर भजनों पर नृत्य करेंगे। उसके बाद 3 सितंबर प्रातःकालीन आरती मंडल द्वारा भगवान पशुपतिनाथ का महाअभिषेक व छप्पन भोग का अयोजन किया जाएगा।