थाना परिसर में मौजूद रावण प्रतिमा
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एक तरफ रावण के पुतले को जलाते हैं, वहीं दूसरी ओर होती है पूजा
जहां विजयादशमी के अवसर पर सभी रावण के पुतले को जला दशहरा मनाते हैं। वहां सतना जिले के अंतर्गत आने वाला यह कोठी कस्बा रावण को पूज अपने साथ कई रहस्यों को जन्म दे रहा है। यहां के लोग खुद को रावण का वंशज बताते हैं। इनके दावों पर कितनी सच्चाई है, यह पता कर पाना तो मुश्किल है। परंतु यह जरूर कह सकते हैं कि यह आस्था का प्रतीक है और अपने आप में एक कभी न सुलझ पाने वाला रहस्य भी।
प्रतिमा तोड़ने का किया प्रयास तो निकला सांप
पुजारी रमेश मिश्रा ने एक किस्सा सुनाते हुए बताया कि जब 15 साल पहले नए थाना भवन के निर्माण के दौरान उन्हें स्वप्न में किसी द्वारा प्रतिमा को तोड़ने का संकेत मिला। जब वे सुबह पहुंचे तो जेसीबी ने रावण की प्रतिमा पर प्रहार किया, जिसके परिणाम स्वरूप एक सांप बाहर निकला। इस घटना ने मजदूरों के बीच भगदड़ मचाई और अंततः निर्माण स्थल बदल दिया गया।