कंपनी की संपत्ति बेचकर निवेशकों की राशि लौटाने की मांग को लेकर लगाई याचिका
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सहारा इंडिया को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा निवेशकों की राशि नहीं लौटाए जाने के खिलाफ कंपनी के फील्ड वर्कर्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि कंपनी की संपत्ति बेचकर निवेशकों की राशि लौटाई जाए। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट की युगलपीठ ने केन्द्र व राज्य सरकार सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
सहारा फील्ड वर्कर्स दमोह निवासी अनिल तिवारी, मुरैना निवासी सोमवती गुप्ता सहित अन्य की तरफ उक्त याचिका दायर लगाई गई है। याचिका में कहा गया है कि सहारा इंडिया को-ऑपरेटिव सोसायटी व्यक्तियों को अधिक लाभ देने का आश्वासन देकर राशि जमा करवाती थी। वह कंपनी में फील्ड वर्कर्स के रूप में कार्यरत थे और लोगों से निवेश की राशि एकत्र करते थे। कंपनी 2017 से समय अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी निवेशकों की राशि नहीं लौटा रही है। सहारा इंडिया परिवार के चेयरमैन सुब्रत रॉय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई बार 6 माह में राशि लौटाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने मई 2021 में सितंबर तक राशि लौटाने का आश्वासन दिया था।
याचिका में कहा गया था कि वे फील्ड व वर्कर्स हैं और निवेश की राशि कलेक्ट करते थे। इस कारण से निवेशक राशि लौटाने के लिए उन पर दबाव बनाते हैं। दमोह जिलों में पथरिया ब्लॉक में 17 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है। याचिका में मांग की गई थी कि सहारा कंपनी की संपत्ति को बेचकर निवेशकों की राशि लौटाई जाए। इसके अलावा कंपनी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। याचिका में केंद्र व राज्य सरकार, सुब्रत रॉय सहित 16 को पार्टी बनाया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित मिश्रा तथा प्रिया शुक्ला ने पैरवी की।