स्वच्छ भारत मिशन में शहर को नंबर वन बनाने के प्रयासों में जुटी सागर जिले की बरोदिया कलां नगर परिषद नगर तो साफ कर रही है, लेकिन नगर के वार्डों से निकलने वाला कई टन कचरा वन परिक्षेत्र मालथौन के मडावन गौरी बीट के कक्ष क्रमांक 154 में वन भूमि पर डाल भूमि को गंदा कर रही हैं। नगर परिषद के 15 वार्डों से निकलने वाला कचरा इन दिनों लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। नपा द्वारा बीते वर्षों से नगर से निकलने वाले कचरें को ढोने हाइड्रोलिक टीपर चलाए जा रहे हैं जो कचरे को ले जाकर खुले में वन भूमि पर डंप करने का काम कर रहे हैं।
जहां कचरा डंप किया जा रहा है, उसी रास्ते पर बसे खैरा, रिछा, पथरिया बामन, मडावन पायक, मडावन गौरी गांवों तक जाने की मुख्य सड़क हैं। सड़क के किनारे एक किलोमीटर से अधिक लंबाई में कचरा डाला जा रहा है, जिससे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़ा जगह-जगह बिखरे रहने के चलते राहगीर विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। कचरे के निष्पादन की भी कोई व्यवस्था नपा द्वारा नहीं की गई गई हैं। सड़क किनारे जो कचरा डाला गया है, उसके बाद से लगातार दुर्गंध आने लगी हैं, कचरे के पास ही मृत जानवरों को भी फेंका जाने लगा हैं।
वन भूमि के पास वर्षों पुराने बने तालाब भी हैं जो नगर की धरोहर हैं, जिनसे नगर की एक बस्ती का जलस्तर तो बढ़ता ही है साथ ही जंगल में विचरण करने वाले वन्य प्राणियों भी प्यास बुझाते हैं, लेकिन पिछले दिनों से लगातार कचरें में शामिल कागज, पन्नी एवं हल्के वजन के अवशिष्ट हवा के साथ तालाब में पहुंचकर तालाब के पानी को दूषित करने का काम कर रहे हैं। अगर ऐसे ही लगातार कचरा तालाब में जाता रहा तो वो दिन भी आएगा जब तालाब भी कचरें के ढेर में बदल जायगा। कचरा गाड़ी चला रहे चालक राजू श्रीवास्तव से सड़क किनारे कचरा डालने के बारे में पूछा गया तो बताया की सीएमओ के आदेश से कचरा सड़क के बगल में डंप कर रहे हैं।
नोटिस के बाद भी नही रुकी डंपिंग
वन परिक्षेत्र मालथौन की बरोदिया कलां बीट के कक्ष क्रमांक आर 154 पर कचरा डंप होने के बाद उत्तर वन मंडल अधिकारी सागर द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी बरोदिया कलां के नाम नोटिस भी दिया गया था, जिसमें वन मंडल अधिकारी ने गैर अनुमति गतिविधियां संचालित करना का उल्लेख करते हुए वन अधिनियम 1927 की धारा 26, वन भूमि का गैर वानिकी कार्यों में उपयोग किया जाना वन संरक्षण अधिनियम 1980 एवं वन्य प्राणीयों के विचरण एवं उनके जीवन को खतरा पहुंचाना वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया था, जिसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर पृथक वन अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की बात भी कही थीं। उसके बाद भी नपा द्वारा लगातार वन भूमि पर कचरा डंप कर कचरे में आग लगा दी गई थी, जिससे पर्यावरण भी दूषित होने से अछूता नहीं रहा है।
विभाग की नर्सरी को भारी नुकसान
जहां कचरा फेंका जा रहा है, उसके ठीक सामने वन विभाग की नर्सरी है। जहां 4000 पौधों को लगाया गया हैं, लेकिन नर्सरी के आसपास भारी मात्रा में इकट्ठे हुए कचरे से नर्सरी में मौजूद पौधों को नुकसान हो रहा है। कचरें के ढ़ेर से उड़कर अवशिष्ट पौधों को ढक रहे हैं तो कुछ रसायनिक अपशिष्ट सड़ कर पौधों की जड़ों तक पहुंच रहे हैं।
इस संबंध में मेरे द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उत्तर वन मंडल अधिकारी सागर को पत्र लिखकर सूचित किया गया था, जिसके बाद नपा को नोटिस भी जारी किया था। अभी फिर 23 नवंबर को मेरे द्वारा नपा, एसडीएम, एवम तहसीलदार मालथौन को इस संदर्भ में सूचित किया हैं।
बद्री नारायण सोलंकी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मालथौन
नपा को कचरा निस्तारण के लिए जगह आवंटित हैं। रोड नही बन पाई हैं। गांड़ियां अंदर नहीं जा पा रही हैं। नपा द्वारा जो कचरा वन भूमि पर डंप किया गया हैं, उसे उठवाकर तय जगह शिफ्ट कर कचरे का निस्तारण कर दिया जाएगा।
प्रभुशंकर खरे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बरोदिया कलां