पुराना और नया प्रमाण पत्र।
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पीड़ित बलराम ने बताया कि उसने आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसमें उसने अपनी वार्षिक आय 40 हजार रुपये बताई थी, लेकिन जब उसे प्रमाण पत्र मिला तो उसमें उसकी सालाना आय सिर्फ दो रुपये थी। इससे उसे सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। वह अपना आय प्रमाण पत्र कहीं नहीं लगा पा रहा था, अधिकारी उसके प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर वापस कर देते थे। जनवरी से सितंबर महीने तक उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी बीच माला मीडिया में आया तो प्रशासन को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद उसमें सुधार किया गया, अब उसकी सालाना आय 40 हजार रुपये है।
पीड़ित परिवार इस घर में रहता है।
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तहसीलदार का तबादला
आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले बण्डा तहसील में पदस्थ तहसीलदार ज्ञानचंद राय का पहले ही तबादला हो चुका है। ऐसे में अधिकारियों ने लिपकीय त्रुटि बताते हुए प्रमाण पत्र में सुधार किया है। बलराम ने कहा कि उसका प्रमाण पत्र सही हो गया उसे इस बात की खुशी है। हालांकि, इसके लिए उसे छह महीने तक इंतजार करना पड़ा।