सागर जिले के एक निजी अस्पताल में नाबालिग का प्रसव चोरी-छिपे कराया जा रहा था। नाबालिग दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई थी। मामले में कैंट थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग का प्रसव कराने को लेकर अस्पताल की जांच भी की जा रही है। वहीं, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार को शहर के तिलकगंज स्थित एक निजी अस्पताल में नाबालिग का प्रसव कराए जाने का मामला बाल कल्याण समिति के समने आया था। करीब तीन घंटे की जद्दोजहद और हंगामे के बाद नाबालिग को ढूंढा गया। साथ ही एसपी और स्वास्थ्य विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा गया। इसके बाद पुलिस थाना कैंट में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अस्पताल की जांच शुरू
बाल कल्याण समिति की कार्रवाई और पत्र के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। बुधवार रात को ही अस्पताल जाकर कर्मचारियों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बयान लिए गए थे। डॉक्टरों के मुताबिक, 26 नवंबर को नाबालिग को भर्ती किया गया था। 27 नवंबर को बाल कल्याण समिति की जांच होने तक न तो पुलिस को सूचना दी गई थी और न ही विभाग को। 24 घंटे तक सूचना नहीं देना मामले को संदिग्ध बना रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मामले में अस्पताल और उसके डॉक्टरों की भूमिका की जांच कर रहा है।
·
नाबालिग का प्रसव