कांग्रेस नेता राजकुमार सिंह धनौरा
- फोटो : अमर उजाला
सागर की केंद्रीय जेल में गबन के आरोप में बंद कांग्रेस नेता राजकुमार सिंह धनोरा को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां मजिस्ट्रेट ने बंद कमरे में राजकुमार के बयान लिए हैं। बुधवार को न्यायालय में राजकुमार धनोरा के वकील अजय घई ने आवेदन दिया था कि उसके मुवक्किल को जेल में जान का खतरा है और उस पर एक अन्य कैदी ने हमला किया है। वकील के आवेदन पर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट आलोक मिश्रा ने केंद्रीय जेल अधीक्षक को आदेशित किया था कि राजकुमार को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाए।
न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय जेल से राजकुमार धनोरा को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान अदालत में और अदालत के बाहर काफी गहमा गहमी का माहौल रहा। राजकुमार धनोरा के बंद कमरे में मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए।
मंत्री पर लगाए आरोप
न्यायालय में पेश होने आए राजकुमार धनोरा ने पुलिस कस्टडी में चिल्लाकर मीडिया को बताया कि उसकी जान को जेल में खतरा है और उसे यह खतरा जेल अधीक्षक मानवेंद्र सिंह परिहार से है जो मंत्री के कहने पर काम कर रहे हैं तथा मंत्री गोविंद राजपूत मेरी हत्या कराना चाहते है।
कांग्रेसियों ने दिया कलेक्टर एसपी को ज्ञापन
कांग्रेसियों द्वारा राजकुमार धनोरा पर जेल में हमले मामले को लेकर कलेक्टर एसपी को ज्ञापन दिया गया। कांग्रेसियों ने कहा कि जेल में राजकुमार की जान को खतरा है। न्यायालय के बाहर उपस्थित राजकुमार धनोरा के समर्थकों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। इन लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर उन्हें राजकुमार से बात तक नहीं करने दी गई।
पुलिस की थी चाक चौबंद व्यवस्था
अदालत में राजकुमार को लाने के पहले यहां पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। जेल वाहन से उतारते समय उन्हें पीछे के गेट से अदालत लाते समय तथा वापस जेल वाहन में बिठाते समय पुलिस का जत्था घेरे रहा। यहां तक कि मीडिया से बात तक नहीं करने दी। हालांकि जेल वाहन से उतरते समय राजकुमार की आंखों में आंसू थे और वह चिल्लाकर मीडिया से बात करने की कोशिश कर रहा था।