झोला छाप डाक्टरों पर कार्यवाही
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सागर कलेक्टर के निर्देश के बाद मंगलवार को जिले के देवरीकलां में तीन स्थानों पर छापा मारकर झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिकों को सील किया गया है। इस कार्रवाई से पूरे नगर में हड़कंप मच गया। सभी झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और भाग गए। सबसे पहले पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बस स्टैंड पर स्थित फर्जी बंगाली डॉक्टर समीर विश्वास की क्लीनिक को सील किया।
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दरअसल, गत दिवस कलेक्टर संदीप जीआर ने फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। मंगलवार को देवरीकलां में नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान, मेडिकल ऑफिसर डॉ. पराग और डॉ. अवधेश लोधी पुलिस बल के साथ बस स्टैंड स्थित डॉक्टर समीर विश्वास की क्लीनिक पहुंचे, जहां डॉक्टर समीर विश्वास नदारद मिले, वहीं उनका कंपाउंडर अधिकारियों को देखकर भाग गया। इस दौरान अधिकारियों ने पंचनामा कार्रवाई की और वहां मौजूद एलोपैथिक दवाइयां जब्त कीं।
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टीम में शामिल डॉ. अवधेश लोधी ने बताया कि बंगाली डॉक्टर की क्लीनिक पर एलोपैथिक दवाइयां, एंटीबायोटिक एवं सर्जरी में उपयोग की जाने वाली एनेस्थीसिया की इंजेक्शन मिली हैं, जो केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा ही उपयोग की जा सकती हैं। क्लीनिक में डॉक्टर समीर विश्वास के कोई भी वैधानिक दस्तावेज नहीं मिले हैं। वहां पर इलेक्ट्रो होम्योपैथी के प्रमाणपत्र लगे हुए थे, जबकि डॉक्टर द्वारा एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
इसके बाद टीम ने ग्राम पंचायत झुंनकू के संजय नगर में झोलाछाप डॉक्टर सी. पटेल, दामोदर पटेल के गुरुदत्त क्लीनिक पर छापा मारकर यहां से भी एलोपैथिक दवाइयां जप्त कीं और पंचनामा कार्रवाई कर क्लीनिक को सील कर दिया गया।
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