मध्य प्रदेश पुलिस ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले में संघ नेताओं सुदर्शन और सुरेश सोनी को क्लीन चिट दे दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में इन दोनों नेताओं का नाम नहीं है।
इस मामले में कांग्रेस द्वारा खुद का नाम घसीटे जाने पर सोनी ने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। पूर्व भाजपा नेता गोविंदाचार्य के बयान ने प्रदेश के सियासी हलकों सनसनी ही फैला दी कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संघ नेताओं के नामों के जरिए मामले से ध्यान बंटाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी की हार्ड डिस्क से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसमें संघ नेताओं का नाम आता हो। बयान में कहा गया है कि सुदर्शन का निधन अक्तूबर में हो गया था और नापतौल अधिकारी की परीक्षा नवंबर में हुई।