मारपीट के बाद रातभर धरने पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर
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रीवा के संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। देर रात अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब रेजिडेंट डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि शराब के नशे में पांच युवक ICU के अंदर घुस गए और एक डॉक्टर के साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी नाराजगी देखने को मिली। करीब 50 डॉक्टर देर रात अस्पताल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
डॉक्टरों का आरोप है कि ICU जैसे संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में बाहरी लोगों का प्रवेश अपने आप में गंभीर मामला है। इसके बाद वहां मौजूद डॉक्टर के साथ मारपीट किए जाने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि वे दिन-रात मरीजों के इलाज और देखभाल में जुटे रहते हैं। कई बार उन्हें लगातार कई-कई घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है, इसके बावजूद अस्पताल परिसर में उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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रेजिडेंट डॉक्टरों ने घटना के विरोध में काम के बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी उनके साथ बातचीत नहीं करते और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। डॉक्टरों ने मांग की है कि ICU और अन्य संवेदनशील वार्डों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके साथ ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और चिकित्सकीय स्टाफ की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग भी की गई है।
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में पहले भी महिला डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना सामने आ चुकी है, जिसके बाद से डॉक्टरों में नाराजगी थी। अब ICU के अंदर घुसकर डॉक्टर से मारपीट के आरोप ने इस नाराजगी को और बढ़ा दिया है। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।