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शहडोल: तीन महीने से तालाब में डूबा पड़ा है टैंकर, पंचायत को भनक तक नहीं, ठेकेदार की लापरवाही पर उठे सवाल

Thu, 10 Sep 2026 12:44 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

तालाब में तीन महीने से टैंकर डूबा है, लेकिन पंचायत को इसकी जानकारी तक नहीं थी। शहडोल के कमता गांव में सामने आए मामले में पंचायत सचिव ने टैंकर को ठेकेदार का निजी वाहन बताया है।
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तालाब में डूबा टैंकर
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विस्तार
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जनपद पंचायत बुढ़ार की ग्राम पंचायत कमता के बसोर मोहल्ला स्थित तालाब में एक टैंकर पिछले करीब तीन महीने से डूबा पड़ा है। मामला सामने आने के बाद निर्माण कार्यों की निगरानी और मौके पर संसाधनों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पंचायत सचिव के अनुसार यह टैंकर सरकारी नहीं, बल्कि घाट निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार का निजी टैंकर है।

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बताया गया कि बसोर मोहल्ले के तालाब में घाट निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ठेकेदार द्वारा निजी टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान टैंकर तालाब में डूब गया। आरोप है कि इसके बाद करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद टैंकर को तालाब से बाहर नहीं निकाला गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार टैंकर तालाब के किनारे खड़ा था। लगातार हुई बारिश के कारण तालाब में पानी भर गया, जिससे टैंकर उसमें डूब गया। अब सवाल उठ रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने अपने टैंकर को तालाब से बाहर निकालने की पहल क्यों नहीं की। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से वाहन को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
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मामले में ग्राम पंचायत कमता के सचिव रामलखन शुक्ला ने बताया कि उन्हें टैंकर के तालाब में डूबे होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौके की जानकारी लेकर मामले को देखा जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि तालाब में डूबा टैंकर सरकारी नहीं है, बल्कि घाट निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार का निजी टैंकर है।
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अब यह भी देखना होगा कि टैंकर तालाब में कब और किन परिस्थितियों में डूबा तथा इतने समय तक उसे बाहर निकालने की कोशिश क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़े संसाधनों के रखरखाव को लेकर संबंधित ठेकेदार को भी जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।

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