रामेश्वर शर्मा ने अपने घर के सामने इस तरह स्वागत द्वार लगाया है।
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भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कांग्रेस वालों का घुटना तोड़ने वाले विवादित बयान का मामला शांत ही नहीं हो रहा। अब रामेश्वर शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने घर पर स्वागत द्वार बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा विधायक को चुनौती दी थी कि जिसमें ताकत हो, वह मेरे घुटने तोड़ दे। मैं 24 नवंबर को रामेश्वर शर्मा के घर जाकर उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूंगा। अब रामेश्वर ने दिग्विजय के स्वागत की तैयारी कर ली है और परिसर में करीब 1 हजार लोगों के बैठने के लिए टेंट लगाया जा रहा है। प्रसाद में बांटने के लिए पूड़ी-सब्जी और हलवा बनाया जाएगा।
यह मामला बड़ा दिलचस्प है। पिछले दिनों रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें हुजूर विधानसभा के कटखेड़ा गांव में वह कह रहे थे कि यदि कोई कांग्रेस का आदमी आए तो उसके घुटने तोड़ दो। इसके जवाब में 20 नवंबर को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा- "मैं कांग्रेसी हूं, जिसमें ताकत हो तो मेरे घुटने तोड़ दे। मैं गांधीवादी हूं। हिंसा का जवाब अहिंसा से दूंगा। 24 नवंबर को मैं महात्मा गांधी की मूर्ति से रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जाकर प्रभु से उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूंगा।"
रामेश्वर ने कहा- दिग्विजय का स्वागत
दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया के बाद रामेश्वर ने ट्वीट कर कहा था कि दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए जब मुलताई के किसानों पर गोली चलवाकर 24 किसानों की हत्या करवा दी थी तब अहिंसा कहां गई थी श्रीमान? दिग्विजय जी रामधुन और आप? दिग्विजय जी रामलला के मंदिर के निर्माण की शुभ घड़ी आने पर जिसका पेट दुखने लगा हो, जिसका खानदान सुप्रीम कोर्ट में शपथ लेकर हमारी आस्था के केंद्र भगवान राम को काल्पनिक मान चुका हो वो व्यक्ति कौन-सी रामधुन करेगा श्रीमान?
रामेश्वर ने एक दिन पहले सजाया स्वागत द्वार
दिग्विजय सिंह के वादे के मुताबिक 24 नवंबर को वे रामेश्वर शर्मा के घर जाएंगे। पर यह तारीख आने से एक दिन पहले ही भाजपा विधायक ने अपने घर पर स्वागत द्वार लगा दिया। उन्होंने कहा कि हम तो रामधुन की तैयारी कर रहे हैं। भगवान राम के नाम की जय जयकार हो और रामधुन हो इससे बड़ा आनंद और खुशी का पल हमारी जिंदगी के लिए नहीं हो सकता। जो लोग जिंदगीभर भगवान राम का विरोध करते रहे, भगवान राम को काल्पनिक बताते रहे, जो भगवान राम मंदिर का विरोध करते रहे। जो बाबरी मस्जिद ढांचा टूटने पर छाती पीट-पीटकर रोते रहे। आज यदि वह रामभक्ति के लिए रामधुन करने आ रहे हैं। इससे बड़ा आनंद और खुशी का पल रामेश्वर शर्मा के लिए नहीं हो सकता। उनका स्वागत है। अभिनंदन है।