मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रेत माफियाओं का आतंक इस कदर हावी है कि वे प्रशासनिक अधिकारियों को भी कुछ नहीं समझ रहे हैं। दिनदहाड़े सड़क पर उनके ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने पर अधिकारियों के वाहन को उनके द्वारा टक्कर मारी जा रही है। साथ ही फोन करके कुछ न बिगाड़ पाने की धमकी भी दी जा रही है, जिसके वीडियो शनिवार को स्वयं नायब तहसीलदार ने मीडिया को उपलब्ध कराए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला लीमा चौहान थाना क्षेत्र का है, जिसमें टप्पा कार्यालय संडावता में पदस्थ नायब तहसीलदार सुरेश सिंह ने उनके साथ 16 अगस्त को हुए घटनाक्रम से अवगत कराते हुए कहा कि जब वे अपने शासकीय वाहन से अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। उसी दौरान मुख्य मार्ग पर चल रहे रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनके वाहन के आगे हाइड्रोलिक की मदद से रेत फैलाई और जब उनके साइड में हुआ तो ड्राइवर पवन भिलाला ने मेरे वाहन को टक्कर मारी और तेज गति से भागने लगा। मेरे द्वारा उनका पीछा करते हुए पुलिस को सूचना दी गई।
आगे चलकर आरोपियों का ट्रैक्टर खेत के कीचड़ में फंस गया, जिसे वे मौके पर ही छोड़कर भाग गए। उसी दौरान मुझे फोन करके भगवान सिंह पाल नामक व्यक्ति के द्वारा धमकी दी गई और ट्रैक्टर छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया। लेकिन मेरे द्वारा वैधानिक कार्रवाई करते हुए पकड़े गए ट्रैक्टर को लीमा चौहान थाने में खड़ा कराया गया है और आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण भी दर्ज कराया गया है।
वहीं, मामले में लीमा चौहान थाना प्रभारी अनिल रहोरिया ने बताया कि नायाब तहसीलदार के प्रतिवेदन पर आरोपी पवन भिलाला, नीरज भिलाला और भगवान सिंह पाल के विरुद्ध खान एवं खनिज अधिनियम सहित बीएनएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आगामी कार्रवाई की जा रही है।