राजगढ़ एसडीएम जीएस बघेल ने मंगलवार को एक आदेश जारी करते हुए खुजनेर तहसील में पदस्थ पटवारी राजेश खरे को निलंबित कर दिया है। आदेश में लिखा गया कि राजेश खरे पटवारी तहसील खुजनेर के द्वारा ग्राम डुंगूरपुर निवासी सर्जन सिंह पिता निर्भय सिंह से उनके स्वामित्व की भूमि का सीमांकन किये जाने हेतु राशि की मांग की गई थी। दिनांक 10.06.2024 को लोकायुक्त भोपाल की टीम द्वारा राजेश खरे को कृषक से राशि रुपये 16,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जिसकी खबर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई है।
इससे यह स्पष्ट है कि खरे द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, कर्तव्य विमुख आचरण, करते हुए शासन की छवि धुमिल की गई है। अतः म.प्र सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 09 के तहत राजेश खरे पटवारी तहसील खुजनेर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में खरे का मुख्यालय नायब तहसील कालीपीठ नियत किया जाता है और उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
आपको बता दें, 10 जून यानी की सोमवार को भोपाल से आई लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोर आरआई को फरियादी सर्जन सिंह की शिकायत पर जमीन के सीमांकन के बदले 16 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार करते हुए उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। उनका यह मामला जमकर मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खिया भी बना, जिसके पश्चात 11 जून को एसडीएम ने आदेश जारी करते हुए उक्त आरआई को निलंबित कर दिया।