दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान अमृता राय सिंदूरिया गांव में एक बुजुर्ग महिला से मिलीं। उन्होंने महिला किसानों से भी संवाद किया और यात्रा के उद्देश्य को सार्वजनिक मुद्दों से जुड़ा बताया।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान एक बुजुर्ग ग्रामीण महिला से अमृता राय की मुलाकात चर्चा में है। अमृता राय ने इस मुलाकात को आत्मीयता और मानवीय संवेदना से जुड़ा अनुभव बताया है।
दरअसल, यह पदयात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का सफर नहीं है, बल्कि इसके दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात और संवाद भी हो रहे हैं। यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर स्थानीय लोगों से मिलते हुए सिंदूरिया गांव में हुई एक मुलाकात ने खास ध्यान खींचा।
अमृता राय के मुताबिक, सिंदूरिया गांव में उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग महिला से हुई। महिला अपनी बहू और बच्चों के साथ लाठी के सहारे खड़ी थीं। अमृता उनके पास पहुंचीं और स्नेहपूर्वक उन्हें गले लगा लिया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान महिला के हाथ से लाठी छूट गई और वह सीधे खड़ी हो गईं।
अमृता राय ने इस घटना को भावुक अनुभव के रूप में साझा किया। ग्रामीण परिवेश में एक अपरिचित व्यक्ति का इस तरह आत्मीयता से मिलना चर्चा का विषय बन गया। यात्रा के दौरान सामने आया यह प्रसंग बताता है कि जनसंपर्क के बीच व्यक्तिगत मुलाकातें भी लोगों पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं।
खेतों में प्याज की बुवाई कर रहीं महिला किसानों से भी मिलीं अमृता
खेतों में काम कर रही महिलाओं से संवाद का यह पहलू यात्रा को केवल सभाओं और औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रखता। खेती-किसानी और रोजमर्रा की चुनौतियों के बीच काम करने वाले लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना भी यात्रा की गतिविधियों का हिस्सा है।
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नर्मदा परिक्रमा से अलग है वर्तमान यात्रा का उद्देश्य
उज्जैन से अयोध्या तक करीब 930 किलोमीटर की यात्रा
दिग्विजय सिंह की यह पदयात्रा उज्जैन में पूजा-अर्चना के बाद विजयादशमी के अवसर पर शुरू हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इसका लक्ष्य उज्जैन से अयोध्या तक लगभग 930 किलोमीटर की दूरी तय करना है। यात्रा में धर्मरथ, भगवान रामलला की प्रतिमा और पवित्र नदियों के जल से सजे कलश भी शामिल हैं।
लंबे मार्ग पर आगे बढ़ रही इस पदयात्रा में राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों के साथ ग्रामीणों से मुलाकातें भी चर्चा में हैं। सिंदूरिया गांव की बुजुर्ग महिला से अमृता राय की आत्मीय मुलाकात यात्रा के दौरान सामने आया एक उल्लेखनीय प्रसंग है।