राजगढ़ की आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक में तत्कालीन मैनेजर ने फर्जी ओवरड्राफ्ट खाता बनाकर किसानों के 93.86 लाख रुपये का गबन किया है। मामला सामने आते ही मैनेजर की पत्नी ने कोतवाली पुलिस थाने में गुमशुदगी का आवेदन दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजगढ़ जिले में मोहनपुरा डैम के डूब क्षेत्र में आई जमीन के बदले में किसानों को अरबों रुपये का मुआवजा मिला था। यह राशि किसानों ने जिले के ICICI समेत अन्य बैंकों में फिक्स डिपॉजिट कराई थी। ICICI बैंक की राजगढ़ शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक हनुमंत मेवाड़े ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर किसानों के मुआवजे की राशि पर ही हाथ साफ कर दिया। किसान एफडी की राशि लेने पहुंचे तो गोलमोल जवाब देकर उन्हें वापस भेज दिया। किसानों का जब सब्र टूटने लगा तो उन्होंने हंगामा किया। उसी दौरान हनुमंत मेवाड़े भी गायब हो गया। उसकी पत्नी ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी का लिखित आवेदन दिया। पुलिस उसकी भी जांच कर रही है। कोतवाली थाने में मेवाड़े के साथ ही दो अन्य लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज है।
कोतवाली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि ICICI बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक हनुमंत मेवाड़े और उसके सहयोगी मान सिंह और तपन मोरी ने किसानों की एफडी की राशि के आधार पर ओवरड्राफ्ट लिया। 93.86 लाख रुपये का गबन कर लिया। तीनों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 409, 467, 468, 471 व 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जांच में हुई गबन की पुष्टि
मामला सामने आने पर कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई थी। राजगढ़ की एसडीएम जूही गर्ग के नेतृत्व में की गई जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। किसानों की एफडी की राशइ पर फर्जी ओवरड्राफ्ट अकाउंट बनाए गए। इन खातों से लाखों रुपये निकाले गए। मेवाड़े पर बैंक में नकली सोना जमा कर गोल्ड लोन लेने का आरोप भी है।