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दागदार रहा है प्यारे मियां का दामन, 18 साल पहले भी हुई थी कार्रवाई

Wed, 15 Jul 2020 07:32 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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विधायक विश्राम गृह के इस परिसर से प्यारे मियां अखबार का दफ्तर संचालित करता था। - फोटो : Google Maps
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भोपाल पुलिस ने जिस प्यारे मियां को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया है, उसका दामन और इतिहास दोनों ही दागदार है। फिलहाल उसे कई नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वो पिछले कई दिनों से फरार था और भोपाल पुलिस उसके हर संभावित ठिकाने पर छापामारी कर रही थी। हालांकि श्रीनगर से गिरफ्तारी पर यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस की सख्ती के बावजूद वो राज्य से बाहर कैसे निकल गया। श्रीनगर तक पहुंचने में कैसे सफल हो गया? 

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बहरहाल, मध्यप्रदेश पुलिस ने प्यारे के भोपाल और इंदौर स्थित ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपाल में उसका मैरिज हॉल भी ढहा दिया गया है। लेकिन यह सब काफी देर से हुई कार्रवाई है। राज्य शासन ने उसे आवंटित सरकारी बंगला भी खाली करवा लिया, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि उसे सरकारी आवास आवंटित ही कैसे हुआ था। जबकि साल 2002 में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उससे काफी जद्दोजहद के बाद अपना एक वीआईपी परिसर खाली करवाया था।




प्यारे मियां लगभग 5000 वर्गफीट क्षेत्र में बने विधायक विश्राम गृह के दो भवनों में रह रहा था और कई बार नोटिस देने के बावजूद उसे खाली नहीं कर रहा था। यह परिसर उसे तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा साल 1990 में एक वर्कशॉप संचालित करने के लिए अस्थायी रूप से आवंटित किया गया था। लेकिन उसने इस भवन को अपना आलीशान घर बना लिया था। सबसे पहले उसने यहां एक अंग्रेजी अखबार के दफ्तर का बोर्ड लगाया और बाद में दैनिक अफकार नाम के अखबार का बोर्ड टांग लिया। लेकिन यहां उसकी दो पत्नियां और उनके बच्चे रहते थे।
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नोटिस के जवाब में अदालत की शरण
विधानसभा सचिवालय ने जब प्यारे मियां को परिसर खाली करने का नोटिस भेजा तो उसने अदालत की शरण ली। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका को खारिज करते हुए परिसर खाली करने का आदेश दिया। लेकिन सत्ता शीर्ष तक पहुंच की वजह से सचिवालय को यह परिसर खाली कराने में काफी वक्त लग गया।

अंतत: तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और सदस्य सुविधा शाखा ने मामले को गंभीरता से लिया और विधानसभा के सुरक्षा विभाग (मार्शल) तथा पुलिस के साझा ऑपरेशन से परिसर को खाली करवाया गया। इस दौरान परिसर से लगभग 40 पेटी विदेशी शराब तथा आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे। परिसर खाली करवाने की यह कार्रवाई सुबह पांच बजे अंजाम दी गई थी। हालांकि इस कार्रवाई को मीडिया में तवज्जो नहीं दी गई और बात आई-गई हो गई।

इसके कुछ ही वर्ष बाद प्यारे मियां को पुराना भोपाल इलाके में एक बंगला आवंटित कर दिया गया था, जिसे खाली करने का आदेश हाल ही में राज्य सरकार ने जारी किया है। जिस परिसर पर प्यारे ने पत्रकार और अखबार के नाम पर कब्जा किया था, वो वीआईपी क्षेत्र की बेशकीमती सरकारी जमीन है। यह भोपाल के मुख्य बाजार न्यू मार्केट, राजभवन, बिड़ला मंदिर, विधानसभा और मंत्रालय के बीचों बीच स्थित है।

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