Project Cheetah: दक्षिण अफ्रीका से लाए जाने वाले चीतों में सात नर और पांच मादा चीते हैं। इन्हें 25 जनवरी तक विशेष विमान से दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद यह विमान ग्वालियर के लिए उड़ान भरेगा। ग्वालियर से हेलिकॉप्टर के जरिए चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा।
मध्यप्रदेश में कूनो नेशनल पार्क को एक और खुशखबरी मिलने वाली है। कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को सफलतापूर्वक बसाने के बाद अब दक्षिण अफ्रीका से चीता लाने की तारीख भी तय हो गई है। बताया जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में 26 जनवरी को छोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन चीतों को 26 जनवरी को कूनो नेशनल पार्क में छोड़े जाने की जानकारी दी है। ये चीते दक्षिण अफ्रीका में पहले से ही क्वारंटाइन हैं।
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दक्षिण अफ्रीका से लाए जाने वाले चीतों में सात नर और पांच मादा चीते हैं। इन्हें 25 जनवरी तक विशेष विमान से दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद यह विमान ग्वालियर के लिए उड़ान भरेगा। ग्वालियर से हेलिकॉप्टर के जरिए चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा।
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चीतों को लाने के लिए केंद्रीय वन महानिदेशक चंद्रप्रकाश गोयल, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के सदस्य सचिव एसपी यादव सहित केंद्रीय वन मंत्रालय के अन्य अधिकारी 20 से 21 जनवरी को दिल्ली से दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे। दक्षिण अफ्रीका से आने वाले इन नए मेहमानों के लिए कूनो नेशनल पार्क पूरी तरह से तैयार है।
नए मेहमानों के स्वागत की तैयारी पूरी
हाल में ही मध्य प्रदेश के वन मंत्री ने कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया था और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले 12 चीतों के लिए कूनो में किए गए इंतजामों को देखा था। उन्होंने चीतों के नए बाडे और अन्य तैयारियों को देखा था। साथ ही सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में बारीकी से जानकारी ली थी। इसके अलावा उन्होंने चीता टास्क फोर्स से जुड़े अधिकारियों से भी चर्चा की थी।
नामीबिया से लाए गए थे आठ चीते
प्रोजेक्ट चीता के तहत पिछले साल सितंबर में नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। उन्हें अलग-अलग क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था। बाद में सभी को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। माना जा रहा है कि ये चीते कूनो के माहौल में ढल चुके हैं।