मध्य प्रदेश में दतिया के रतनगढ़ मंदिर में इंतजाम का काम संभाल रहे आरएसएस कार्यकर्ताओं ने यह कहकर सनसनी मचा दी है कि उन्होंने पुलिस को मृत बच्चों को नदी में फेंकते हुए अपनी आंखों से देखा है। उनका कहना है कि मरने वालों की तादाद तीन सौ से कम नहीं है।
रतनगढ़ मंदिर पर पिछले 25 सालों से आरएसएस के कार्यकर्ता अपनी स्वयंसेवक की सेवाएं देते हैं।
एक न्यूज चैनल को उन्होंने बताया कि पूरा हादसा पुलिस व प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ। यदि लोगों ने पुलिस की पिटाई नहीं की होती और पुलिस वहां से नहीं हटती तो कम से कम एक हजार लोग मारे जाते।
आरएसएस कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि बहुत सारे लोग नदी में कूद गए या फिर उन्हें नदी में फेंक दिया गया। उन्होंने यह बयान भी कैमरे पर दिया है कि पुलिस ने ही कई बच्चों को नदी में फेंक दिया जिनमें से कइयों की मौत पहले ही हो गई थी।
श्रद्धालुओं ने इसके बाद पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया था। एसडीओपी की भी भीड़ ने पिटाई कर दी और उसके बाद पुलिसकर्मी मौके से एकदम गायब हो गए थे। सूत्रों का कहना है कि वहां केवल छह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। कलेक्टर अवकाश पर गए थे और प्रशासनिक व्यवस्था ठप पड़ गई थी।
वैसे मोबाइल के ऐसे वीडिय़ो मिले हैं जिनमें बहुत सारे लोगों को नदी में गिरते हुए या कूदते हुए बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया है कि नदी में गिरने वालों की बड़ी संख्या है। बहुत सारे लोग पोस्टमार्टम से पहले ही अपने मृत रिश्तेदारों के शव ले गए हैं।