पन्ना टाइगर रिजर्व में करंट लगने से बाघ की मौत हो गई।
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पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ वनपरिक्षेत्र की बसुधा बीट के कक्ष क्रमांक-521 में नर बाघ का शव मिलने से सनसनी के हालात बने हैं। पास ही में एक हाइना का शव भी मिला है। एक महीने में पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत की यह दूसरी घटना है।
दमोह जिले के मड़ियादो के जंगल को पन्ना टाइगर रिजर्व से जोड़ने के बाद से ही यहां बाघ और अन्य जंगली जानवरों का मूवमेंट बढ़ गया है। बुधवार सुबह किशनगढ़ वनपरिक्षेत्र में बाघ का यह शव मिला है। पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ रेंज अंतर्गत आने वाले बसुधा बीट के कक्ष क्रमांक 521 में एक नर बाघ और एक हायना की करंट लगने से मौत हुई है। बाघ की उम्र लगभग दो वर्ष बताई जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि जंगल में शिकारियों ने सुअर या अन्य जानवरों को मारने के लिए तार बिछाया था। इसमें करंट सप्लाय हो रहा था। इसकी चपेट में बाघ और हायना आ गए। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हालांकि, जानकारी लगते ही फील्ड डारेक्टर बृजेंद्र झा एवं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे। बाघ एवं हायना के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। उसके बाद विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। प्रबंधन ने करंट फैलाने वाले आरोपियों तक पहुंचने के लिए डॉग स्क्वॉड को बुलाया था। सघन जांच करवाई है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।