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Omkareshwar: इंदौर के दो युवक नदी में डूबे, एक गणेश विसर्जन करने गया था तो दूसरा सेल्फी लेने में गिरा

Wed, 25 Sep 2024 12:50 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

ओंकारेश्वर के निकट नर्मदा की सहायक नदियों में इंदौर के दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। दोनों गणेश प्रतिमा विसर्जन करने पहुंचे थे। एक युवक की शव 10 किमी  दूर तो दूसरे का शव 5 किमी दूर मिला है।
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शुभम पाल और अजीत प्रजापत की डूबने से मौत हो गई। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंदौर से गणेश विसर्जन के दौरान आए दो युवक नदी में डूब गए। एक युवक का शव 60 घंटे बाद 10 किलोमीटर दूर तो दूसरे युवक का शव पांच किलोमीटर दूर से बरामद किया गया। 
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जानकारी के अनुसार ओंकारेश्वर से करीब 30 किलोमीटर दूर खरगोन जिले के बड़वाह तहसील ओखला के समीप कनाड नदी में पानी के तेज बहाव मे बहे 18 वर्षीय युवक शव तीसरे दिन क़रीब 10 किमी दूर मिला शव। रविवार शाम को इंदौर से गणेश प्रतिमा विर्सजन करने आया 18 वर्षीय युवक शुभम पाल अपने तीन दोस्तों के साथ नहाने के दौरान पानी के तेज बहाव में डूबने लगा। मौके पर मौजूद ग्रामीण और साथियों ने तीन युवकों को बचा लिया। लेकिन शुभम का कोई सुराग नहीं लगा। नदी में पानी के तेज बहाव के चलते शुभम का शव 60 घंटे बाद 10 किमी दूर ग्राम तरानिया के समीप नदी में मिला है। काटकूट चौकी प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि नदी में शव दिखाई देने की सूचना पर तुरंत पुलिस व SDERF की टीम मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकालकर पीएम के लिए बड़वाह के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है।

सेल्फी लेते हुए यवक का शव कई किलोमीटर दूर मिला
सोमवार को काटकुट के समीप आक्या नदी पर सेल्फी लेते हुए एक युवक बह गया। काटकुट ओखला के बीच सुकड़ी नदी में इंदौर निवासी कुलकर्णी का भट्टा परदेसीपुरा का युवक नाम अजीत उर्फ तिरुपति पिता आशीष  प्रजापत (17) ऊपरी सतह अधिक बारिश होने से नदी के बहाव में बह गया। उसका शव भी कई किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला। दोनों ही युवक इंदौर के रहने वाले थे।
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उल्लेखनीय है कि गणेश उत्सव की समाप्ति के बाद बड़ी संख्या में युवा इंदौर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए ओंकारेश्वर, खेड़ीघाट, नावघाटखेड़ी, नर्मदा नदी तक पहुंचते हैं हैं। नर्मदा नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगा हुआ है इस कारण नर्मदा नदी  की सहायक नदियों में  जाकर विसर्जन करते हैं। दो दिनों से लगातार तेज बरिश होने से पहाड़िया नदी उफान पर थीं, इन नदियों का बहाव इतना तेज होता है कि इसमें डुबे तो बचना मुश्किल होता है। कई बार देखने में आया है कि सेल्फी लेने के चक्कर में लोग अपनी जान दे देते हैं।
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