प्रशासन ने नाविक संघ के साथ बैठक की।
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नर्मदा नदी में पिछले दो महीनों से नावों का संचालन बंद है। 300 से अधिक नावें प्रशासन और नाविक संघ के बीच अवैध और वैध नावों के संचालन को लेकर सहमति न बनने के कारण ठप पड़ी हैं। नाविक संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में 25 सितंबर को आंदोलन का ऐलान किया था, लेकिन खंडवा के कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने प्रभावित नाविकों की एक बैठक ली, जिसमें दोनों पक्षों की समस्याओं पर विचार किया गया।
नाविक संघ के अध्यक्ष भोलाराम केवट ने कहा कि वर्तमान में 184 लाइसेंसधारी नावों को ही संचालन की अनुमति मिलनी चाहिए और अवैध नावों को नदी से हटाया जाना चाहिए। पर्वकाल के समय हमारी नाव बंद नहीं की जाए। वहीं, संघ के पूर्व अध्यक्ष कैलाश भवरिया ने 95 अवैध नावों के लिए नए लाइसेंस जारी करने की मांग की। बैठक के बाद अपर कलेक्टर ने प्रशासन को निर्देशित किया कि 10 दिनों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर, पात्र नाविकों को लाइसेंस दिए जाएं और तब तक अवैध नावों का संचालन पूरी तरह से रोका जाए।
अपर कलेक्टर ने चेतावनी दी कि सभी नाविक यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने का पालन करें, अन्यथा लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस गतिरोध के कारण 1000 युवाओं के रोजगार और 4000 लोगों के जीवन-यापन पर संकट बना हुआ है, जिससे नाविक संघ के दो हिस्सों में बंटने का लाभ प्रशासन उठा रहा है।