द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर मध्य प्रदेश के IAS नियाज खान के ट्वीट से सियासत गरमा गई है। पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने उन पर आचार संहिता के उल्लंघन समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर नियाज खान ने जवाब देते हुए कहा कि मुझे बोलने की आजादी है। बोले- मैं ट्वीट करके आतंकवाद नहीं फैला रहा कि स्पष्टीकरण मांगा जाए। नियाज खान ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि दुनिया में मुस्लिम ही आतंकवाद फैला रहे हैं। कुरान की गलत व्याख्या की वजह से ऐसा हो रहा है।
आपकी कुरान पर रिसर्च कहां तक पहुंची?
मेरी कुरान की स्टडी पूरी हो गई है। इसमें मैंने देखा है कि पूरे विश्व में टेरेरिज्म दिख रहा है, कुरान में इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं है। कुरान में यह लिखा गया है कि यदि आप अच्छाई के लिए खड़े हुए हो तो कोई आपको नुकसान पहुंचाएं। आपकी जान का दुश्मन हो तो उसके खिलाफ जेहाद करिए। बाकी यदि कोई आपका धर्म नहीं मानता है तो उसको कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं। यदि कोई आपके प्रति सहानभूति रखता है तो आप भी सहानभूति रखिए। जो वर्तमान रूप में टेरेरिज्म दिख रहा है, वह पूरा एंटी इस्लामिक है। इस्लाम उसको कहीं भी सपोर्ट नहीं करता है। पूरे रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कुरान इंसान को इंसानियत की तरफ ले जाती है। भाई चारे की शिक्षा देती है।
आप आतंकवाद के लिए किसी दोषी मानते हैं?
जो भी कट्टरपंथी है। इराक में ले लीजिए, सीरिया में ले लीजिए, सूडान में ले लीजिए। चाहे बोको हराम हो, अलसबाब, अलकायदा हो, तालिबान हो, कश्मीर में बहुत से संगठन है। यह सब कुरान की गलत व्याख्या करके मुस्लिम युवकों का ब्रेन वॉस करते हैं। फिर कट्टरवाद के रास्ते धकेल देते हैं। कुरान का दुरुपयोग किया जा रहा है। इंसानों का खून बहाया जा रहा है। यह पूरी तरह गलत है। इस्लाम कहीं भी इसकी शिक्षा नहीं देता है। देखिए बौद्ध, क्रिश्चियन, हिंदू हथियार लेकर कोई मैदान में नहीं उतर रहा है। इस तरह का टेरेरिज्म कहीं नहीं है। इस्लाम के अंदर ही सबसे बड़ी समस्या है। कुरान की गलत व्याख्या करके लोगों का खून बहाया जा रहा है।
अभी आपकी रिसर्च में कितना समय लगेगा?
अभी कुरान की स्टडी हुई है। जिसमें अल्ला का मुख्य संदेश पढ़ा है। इसके अलावा मोहम्मद साहब की बायोग्राफी पढूंगा। इसके अलावा जब इस्लाम आया उस समय सामाजिक, आर्थिक स्थिति क्या थी। लोगों की क्या सोच थी। इन सबमें काफी लंबा समय लगेगा। तकरीबन 5 माह में मेरी रिसर्च पूरी हो जाएगी।
बीजेपी विधायक का कहना है कि इस्लामिक कट्टरवाद को नहीं रोका गया तो भारत के लिए घातक होगा
वे बिल्कुल सही कह रहे हैं। यदि इस्लामिक कट्टरवाद है। इसके अलावा हिंदू और दूसरे धर्म के कट्टरवाद को भी रोकना चाहिए। यह देश सभी का है। सभी को प्रेम और भाईचारे से रहना चाहिए। जो भी जहर बोता है तो वह किसी भी धर्म का हो सबसे बड़ा देशद्रोही है। उसका सर कुचल देना चाहिए। बात मुस्लिम की ही नहीं है। मॉब लिचिंग में भी कुछ लोग मिलकर व्यक्ति को मार देते हैं। यह भी कट्टरता का ही एक रूप है। हमें सभी से प्यार-मोहब्बत करना होगा। सबसे पहले हम भारत के नागरिक हैं। जो आतंकवाद फैलाए उनको देश से मिटा देना चाहिए।
आरोप है कि आपको एक ही धर्म की चिंता है। यह यूपीएससी के सिद्वातों के खिलाफ है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है। कोई चिंता नहीं है। मेरी अभी किताब बी रेडी टू डाय आई थी। यह यजीदियों के ऊपर हुए अत्याचार पर लिखी है। जिनकी पूजा पद्धति हिंदुओं के समान है। यह 250 पन्नों की किताब इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लिखी गई है। ऐसे उसको देखेंगे तो मैंने मुसलमानों के खिलाफ पूरी की पूरी किताब लिखी हुई है। फिर तो हर व्यक्ति अपने अनुसार व्याख्या कर लेता है। यदि एक धर्म की बात करो तो आपको विरोधी मान लेते हैं। दूसरे धर्म की बात करो तो आपको पंसद करते हैं। यह तो अपना-अपना नजरिया है। मेरी किसी धर्म के प्रति ना तो सहानभूति है ना ही झुकाव है। मेरी इंसानियत के प्रति सोच और सहानभूति है।
आपको आईएएस की नौकरी छोड़कर मैदान में उतरने की चुनौती दी है?
मैं नौकरी पर्याप्त कर चुका हूं। देश की एकता और समाज में जहर फैलाने वालों के खिलाफ यदि मैंदान में उतरना पड़ता है तो नौकरी को भी अलविदा कह दूंगा। मैं 7 किताब लिख चुका हूं। संवेदनशील मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। मुझे बोलने का संवैधानिक अधिकार है।
आपसे स्पष्टीकरण लेने सरकार से मांग की जा रही है?
इसमें स्पष्टीकरण की कोई बात ही नहीं है। उसमें सिर्फ इतना कहा गया है कि यह बहुत अच्छा है। कश्मीरियों को बसाया जाए और सम्मान से रखा जाए। और जो हत्याएं हुई हैं उन पर एक फिल्म बना दी जाए। किस ग्राउंड पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। क्या मैं ट्वीट करके आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा हूं। कोई अंधा व्यक्ति भी समझ जाएगा। जब कोई गलत करेगा तब तो स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
इस पूरे मामले पर आप क्या कहना चाहेंगे?
मैं सभी का बहुत सम्मान करता हूं। कई बार लोग जो सामने देखते हैं, उस पर प्रतिक्रिया दे देते हैं। मैं तो सबसे पहले अपने आपको भारतीय मानता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। मैं किसी धर्म को लेकर नहीं सोचता हूं। यदि हिंदू के साथ अन्याय होगा या मुस्लिम के साथ अन्याय होगा तो मैं रिएक्ट करूंगा। लेकिन केवल मेरा नाम नियाज खान है तो निर्णय लें कि एक धर्म के लिए काम कर रहा है। नाम देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। जब मैंने अनटोंल्ड सीक्रेट्स ऑफ माय आश्रम लिखी तो हिंदुओं को बुरा लगा। जब तलाक तलाक तलाक और बी रेडी टू डाय लिखी तो मुसलमानों को बुरा लगा। समाज अपने ढंग से सोचता है, लेकिन लेखक यह सब नहीं सोचता है।
द कश्मीर फाइल्स फिल्म आप देखेंगे?
मैंने उसकी कहानी पढ़ी है अभी फिल्म नहीं देखी। मेरा अनुभव रहा है कि फिल्म निर्माताओं का लोगों की भावनाओं का फायदा उठा कर पैसा कमाने का उद्देश्य रहता है। यदि द कश्मीर फाइल्स फिल्म का उद्देश्य कश्मीरियों के दु:ख को सामने लाना ही है तो फिल्म निर्माण की लागत निकालकर पूरी राशि उनके विस्थापन और बच्चों के एजुकेशन पर लगा देना चाहिए।