छिंदवाड़ा मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम नेर में सिद्ध पीठ मां चंडी देवी में माता रानी का भव्य दरबार सजा है। इस दरबार की अपने आप में अनंत महिमा है। सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिवर्ष आकर अपनी हाजिरी लगाते हैं। उनकी मनोकामना मां के दरबार में पूर्ण होती है। खेड़ापति रूप में विराजी मां चंडी देवी का यहां इस कदर प्रभाव है कि गांव में किसी भी तरह से कोई महामारी का असर नहीं होता। न तो यहां कभी ओलावृष्टि होती है और न ही आज तक कोई आगजनी की घटना हुई है। काफी संख्या में श्रद्धालु भक्त इस अद्भुत दरबार में अपनी हाजिरी लगाते हैं।
आचार्य पंडित परशुराम मिश्रा ने बताया कि गांव में शुरू से ही मां चंडी देवी की आराधना होती है। पूर्व समय में जब गांव में कुछ लुटेरे आते थे तो माता रानी लोगों को बचाती थी। यहां तक कि गांव में किसी भी तरह से कोई प्रकोप देखने को नहीं मिलता।
बीच गांव में गिरी थी बिजली
माता के सेवक भरत सिंह चौधरी बताते हैं कि आठ साल पहले गांव में आकाशीय बिजली की एक घटना हुई थी। बीच गांव में बिजली गिरी लेकिन किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। आकाशीय बिजली की घटना से कोई नुकसान भी नहीं हुआ। पहले यहां एक छोटा-सा मंदिर था। अब माता रानी की कृपा और प्रेरणा के बाद जनसहयोग से यहां भव्य मंदिर बन गया है।
नेता भी लगाते हैं हाजिरी
मां का यह ऐसा सिद्ध स्थान है जहां दूर-दूर से श्रद्धालु भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। यहां वर्तमान में 751 मनोकामना कलश स्थापित किए गए हैं। इनमें पूर्व प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मां के दरबार में कलश स्थापित किए हैं।
महाराष्ट्र और अन्य प्रांतों से भी आते है श्रद्धालु भक्त
छिंदवाड़ा जिले में सजी इस भव्य दरबार में न सिर्फ जिले के बल्कि बाहरी प्रांतों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु भक्त आते हैं। महाराष्ट्र के नागपुर, होशंगाबाद और आसपास के अन्य जिलों के भक्तों ने यहां मनोकामना कलश स्थापित किए हैं। जिन्होंने कलश स्थापित किए हैं उनमें कुछ ऐसे भी है जिनके यहां माता की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, तो कोई बीमारी से ठीक हुआ है।
खेड़ापति रूप में होती है पूजा, लुटेरे उठा ले गए थे प्रतिमा
पंडित परशुराम मिश्रा ने बताया था कि जब माता चंडी देवी यहां ग्रामीणों को लुटेरों से बचाते थी। गांव वालों की सुरक्षा करती थी। तब कुछ लुटेरे प्रतिमा को यहां से उठाकर दूसरे स्थान पर ले गए। उसके बाद भी माता रानी का चमत्कार कम नहीं हुआ। माता अभी भी सभी श्रद्धालु भक्तों का दुख दूर करती है।
देवगढ़ में है माता का एक रूप
चंडी देवी के सिद्ध मंदिर की एक प्रतिमा देवगढ़ में भी स्थापित है ग्रामीणों की आस्था है कि यहां से लुटेरों ने माता रानी के स्वरूप उठा कर अपने साथ ले गए थे जो देवगढ़ किले में स्थापित है।