राज्य के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और संचालन में सामने आए फर्जीवाड़े के मामलों में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बड़ा आदेश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की पीठ ने 189 उपयुक्त नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने और पहले आयोजित परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने की अनुमति दी है।
इस फैसले से बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को राहत मिली है। अदालत ने लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका समेत सभी संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।
डुप्लीकेट फैकल्टी पर प्रति फैकल्टी तीन लाख रुपये जुर्माना
हाईकोर्ट ने डुप्लीकेट टीचिंग फैकल्टी पाए जाने वाले संस्थानों पर प्रति फैकल्टी तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट के अनुसार, उपयुक्त पाए गए 119 कॉलेजों और कमियों वाले 153 कॉलेजों में फैकल्टी की डुप्लीकेसी मिली थी। वहीं, 35 उपयुक्त कॉलेजों में ऐसी कोई डुप्लीकेसी नहीं मिली। कॉलेजों को जुर्माने की राशि में से दो लाख रुपये मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल और एक लाख रुपये जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा कराने होंगे। यह राशि एक महीने के भीतर जमा करनी होगी। इसके बाद ही संबंधित कॉलेजों के छात्रों की परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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हर कॉलेज को लगाने होंगे 50 पौधे
अदालत ने राहत पाने वाले प्रत्येक संबंधित कॉलेज को अपने परिसर या आसपास 50 पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करने के निर्देश दिए हैं। पौधारोपण की तस्वीरें निसर्ग एप पर अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता आलोक बागरेचा और अधिवक्ता विशाल बघेल ने पीठ के समक्ष मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य रखे। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित सभी शर्तों का पालन करने के बाद ही संबंधित कॉलेजों को उपयुक्त श्रेणी में माना जाएगा।
एमपीएनआरसी को कड़ी हिदायत
हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एमपीएनआरसी) को नए नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देते समय पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। पीठ ने कहा कि निरीक्षण या निर्धारित मापदंडों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित नियामक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। अदालत ने नए मान्यता प्राप्त सभी नर्सिंग कॉलेजों का रिकॉर्ड भी पेश करने के निर्देश दिए हैं।