मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल
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मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने री-डेवलपमेंट पॉलिसी तैयार कर ली है। इसे अब कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। पॉलिसी को स्वीकृति मिलने पर प्रदेश में लागू किया जाएगा। री-डेवलमेंट पॉलिसी के तहत किसी भी जमीन पर बनी पुरानी या जर्जर बिल्डिंग तोड़ने पर निर्माण में फ्लोर एरिया रेशियो और ग्राउंड कवरेज पर इंसेटिव दिया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान और भूमि विकास नियमों में बदलाव किया जाएगा। प्रदेश के बढ़े शहरों में हाईराइज बिल्डिंग का चयन बढ़ते जा रहा है। वहीं, पुरानी बिल्डिंग जर्जर हो गई है। री-डेवलमेंट पॉलिसी के तहत लोगों को नया और बढ़ा घर मिलेगा। साथ ही नए निर्माण को पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।
ऐसे होगा री-डिवलपमेंट
नई पॉलिसी के तहत पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर बिल्डर नई बिल्डिंग बनाएगा। इसके लिए रहवासी समिति की अनुमति जरूरी होगी। बिल्डर पुरानी बिल्डिंग से ऊंची इमारत और ज्यादा फ्लैट बनाएगा। जिनको बेचकर निर्माण की लागत निकालेगा और कमर्शियल स्पेश से अपना मुनाफा कमाएगा।
यह मिलेगी छूट
पॉलिसी के तहत रहवासी बिल्डिंग के लिए 0.50 और कमर्शियल बिल्डिंग के लिए 0.75 ज्यादा एफएआर दिया जाएगा। ग्राउंड कवरेज भी 30 से बढ़ाकर 40 फीसदी किया जाएगा। यानी 10 हजार वर्गफीट के प्लॉट पर 4 हजार वर्गफीट में निर्माण कर सकेगा।