फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: ये कैसी मनमानी! सरकारी स्कूल के सामने खुली शराब की दुकान, पाठशाला में घुसकर अल्कोहल पीते हैं शराबी

Sat, 17 Dec 2022 03:47 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक सरकारी स्कूल में शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। नियमों की अनदेखी कर स्कूल के बगल में ही देशी शराब की दुकान खोली गई है।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सतना जिले में एक सरकारी स्कूल के सामने शाम होते ही शराब के शौकीनों का जमावड़ा लग जाता है। पाठशाला में जगह-जगह शराब की बोतलें फैली रहती हैं। मामला उचेहरा ब्लाक अंतर्गत पोंडी में पिथौराबाद माध्यमिक स्कूल का है, जिसके पीछे ही शराब की दुकान खुली है।

विज्ञापन


नियमों की माने तो शराब, बीयर, भांग की दुकान और बार किसी धार्मिक स्थल, हॉस्पिटल या विद्यालय से कम से कम 50 से 100 मीटर की दूरी पर होना अनिवार्य है। लेकिन पिथौराबाद में महज कुछ ही मीटर की दूरी पर स्कूल के ठीक पीछे शराब की दुकान संचालित हो रही है। शराब के शौकीन शराब तो दुकान से लेते हैं, लेकिन स्कूल के कमरों और परिसर में बैठकर शराब का सेवन करते हैं। पूरे स्कूल परिसर में शराब की खाली बोतल और गंदगी फैली रहती है।

बच्चों पर गलत असर...
गौरतलब है कि यहां दो सौ से ज्यादा मासूम बच्चे अपना भविष्य संवारने आते हैं और पहली नजर में इन्हें शराब की खाली बोतले देखने को रोज मिलती है। स्कूल जाने वाले बच्चों के कोमल मन पर गलत असर पड़ रहा दिन में पाठशाला चलती है और शाम को यही पाठशाला मधुशाला बन जाती है। स्कूल आने पर बच्चों का सबसे पहला काम शराब की बोतलों को हटाने का रहता है। मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी की माने तो स्कूल के पास खुली शराब की दुकान से परेशानी हो रही। इस मामले में सक्षम विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
विज्ञापन


आबकारी विभाग क्या कह रहा...
इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी का अलग ही तर्क है। इनकी माने तो स्थल परीक्षण कर ही दुकान की परमिशन दी गई। इसके बाबजूद जांच कराकर एक बार फिर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। बहरहाल, मामला मासूमों के भविष्य से जुड़ा है। यहा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल संचालित है, जहां सैकड़ो की तादात में छात्र-छात्राएं पठन-पाठन करने आते हैं, मगर स्कूल का माहौल खराब है। स्कूल में मादक पदार्थ के अवशेष देख उनके मनों को विचलित कर सकता है। जरूरत है इसे रोकने की, स्वस्थ वातावरण बनाने की, ताकि छात्र-छात्राएं स्वच्छ मन से पठन-पाठन कर भविष्य संवार सकें।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें