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MP News: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की हवा बनी हुई दमघोंटू, जबलपुर में सुधार

Mon, 20 Nov 2023 08:12 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में हवा जहरीली होती जा रही है। भोपाल और ग्वालियर में हवा की गुणवत्ता सबसे ज्यादा खराब है। 
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मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर में लोग प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। भोपाल का एक्यूआई 326 पहुंच गया है। यहां हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। यही स्थिति इंदौर और ग्वालियर की भी बनी हुई है। इंदौर में एक्यूआई 262 और ग्वालियर में 301 बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषित हवा का असर जनता के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। भोपाल में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। 
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पिछले पांच दिन का एक्यूआई- 
 तिथि     भोपाल    इंदौर      ग्वालियर     जबलपुर   
     
19 नवंबर-    337    262       301            186
18 नवंबर-     326    308      306            313
17 नवंबर-    321    236       300             305
16 नवंबर-     304    196      306            301
15 नवंबर-     309    329       307            308

एयर क्वालिटी इंडेक्स को ऐसे समझें 
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) हवा की गुणवत्ता को बताता है। इससे पता चलता है कि हवा में किन गैसों की कितनी मात्रा घुली है। एक्यूआई की गुणवत्ता के आधार पर छह अलग-अलग श्रेणी बनाई गई है। इसमें 0-50 अच्छी, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401 से 500 एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा गया है।  
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वाहनों के प्रदूषण स्तर की होगी जांच  
कमिश्नर भोपाल संभाग डॉ. पवन शर्मा ने भोपाल नगर में बढ़ते प्रदूषण और दूषित हवा को सामान्य स्तर पर लाने के लए कलेक्टर तथा आयुक्त नगर निगम भोपाल को तत्काल पहल करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. शर्मा ने सोमवार को प्रदूषण निवारण मंडल और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नगर में पीयूसी की संख्या बढ़ाई जाए और भोपाल की सभी सीमाओं से गुजरने वाले वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच अनिवार्य करने को कहा। साथ ही सभी पेट्रोल पंप पर पीयूसी संचालित करने के लिए भी कहा है।

निर्माणाधीन भवन पर लगाएं हरी नेट 
निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि धूलकण हवा में नहीं जाने से रोकने के लिए हरी नेट लगाने के साथ ही मानक बनाए रखने के लिए समय-समय पर पानी का छिड़काव भी किया जाए। उन्होंने सभी तरह के ईंधन से होने वाले धुएं के स्त्रोत का पता लगाने और इधर-उधर कचरा जलाना तत्काल प्रतिबंधित करने के लिए भी कहा है। साथ ही किसानों को भी फसलों के अवशेष नहीं जलाने जागरूक करने कदम उठाने को कहा है।
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