प्रदेश के दतिया के ग्राम बोहारा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद दूल्हा-दुल्हन ने दतिया स्थित प्राचीन रामलला मंदिर में सात फेरे लिए। शादी में खास परिजन ही शामिल हुए। सभी के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
बता दें, जो शादी टीकमगढ़ के जतारा में होना थी, वह रामलला मंदिर में संपन्न हुई। शादी में कन्या पक्ष और वर पक्ष के लोग सीमित संख्या में मौजूद रहे। हिंदू परंपरा और रीति रिवाज से विवाह की रस्में कराई गईं, पर चेहरे पर वो खुशी और उत्साह नदारद था।
बता दें कि ट्रक में सवार होकर कन्या पक्ष के 43 लोग विवाह संपन्न कराने टीकमगढ़ के जतारा जा रहे थे। दतिया पहुंचते ही सड़क हादसे का शिकार हो गए। कन्या पक्ष के साथ आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर ग्राम बोहारा नदी में पलट गया था। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे से शादी वाले परिवार में मातम छा गया। बगैर शहनाई व किसी धूमधाम के मंदिर में विवाह कर रस्म पूरी की गई। इस दौरान सभी के चेहरे तीन बच्चों समेत पांच स्वजनों को खोने के कारण गमगीन थे।
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