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MP News: रतलाम में 12 साल पहले धार्मिक स्थल पर गोबर फेंकने पर हुआ था दंगा, 35 आरोपियों को 5-5 साल की सजा

Tue, 13 Dec 2022 06:16 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में सितंबर 2010 में एक धार्मिक स्थल पर गोबर फेंकने की बात को लेकर दंगा भड़क गया था। दो थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू भी लगाया था। कोर्ट ने इस मामले में 35 लोगों को सजा सुनाई है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रतलाम में सितंबर 2010 में भड़के दंगों पर कोर्ट का फैसला आ गया है। जिला कोर्ट ने इस मामले में 38 आरोपियों में से 35 को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। दो आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी को बरी किया गया है। इस फैसले के मद्देनजर रतलाम में मंगलवार को तनाव की स्थिति थी। कोर्ट में भी भीड़ लगी थी, जिसे काबू करने के लिए पुलिस इंतजाम किए गए थे। 

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रतलाम के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 427, 435, 332 के तहत 35 आरोपियों को दोषी ठहराया और अर्थदंड लगाते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई। अन्य धाराओं के तहत भी सजा सुनाई गई है। एक आरोपी बरी हो गया है। वहीं, दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
 
अपर लोक अभियोजक तरुण शर्मा और विनोद जैन ने बताया कि तीन सितंबर 2010 की रात को करीब साढ़े दस बजे दानीपुरा क्षेत्र में दंगा भड़का था। आरोपी वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे थे। सूचना पर थाना स्टेशन रोड पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। आरोपियों के पास तलवार, लाठी और अन्य हथियार थे। पुलिस ने समझाइश दी तो आरोपियों ने पुलिस पर पथराव किया था। वाहनों में आगजनी की गई। एक ट्रक भी जलाया गया। इसके बाद दो थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। 
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क्या है मामला 
यह घटना तीन सितंबर 2010 की है। दानीपुरा-हरमाला रोड क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर गोबर फेंकने की बात सामने आई थी। इसने सांप्रदायिक विवाद का रूप ले लिया था। दानीपुरा, चिंगीपुरा, हरमाला रोड पर हिंसक भीड़ ने रहवासियों के घर, वाहनों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। हालात बिगड़ने के बाद रतलाम के दो थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। पुलिस ने इस मामले में करीब 190 लोगों को हिरासत में लिया था।

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