एंबुलेंसकर्मी ने महिला से मांगे रुपये
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बुरहानपुर जिले में शिकारपुरा की रहने वाली साबिरा बी की तबीयत बिगड़ने पर उसे एंबुलेंस सुविधा तक नसीब नहीं हुई। साबिरा के पति तांगा चलाते हैं तो वह अपने तांगे में ही बीवी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे गए, जिसके बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कितनी खस्ताहाल है।
बता दें कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए और जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। वहीं, सरकारी मशीनरी और अफसरशाही इन योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कमी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शिकारपुरा की रहने वाली साबिर बी कि मंगलवार सुबह तबियत बिगड़ी और उनके पति जो कि तांगा चलाकर अपना जीवन-यापन करते हैं और साबिर बी भी मेहनत मजदूरी कर पति का हाथ बटाती है। इनके पास न ही मोबाइल है और न ही एंबुलेंस को देने के लिए पैसे तो साबिर के पति को अपने तांगे में उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह नजारा देख आसपास के लोगों ने इसके फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
एंबुलेंस धूल खा रही...
सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता को मुहैया करवाने के लिए लाखों करोड़ों खर्च कर रही है। वहीं, 108 एंबुलेंस सेवा भी जिले में चल रही है। वहीं, कई एंबुलेंस ऐसे भी हैं, जो सरकारी अस्पताल में धूल खाती हुई नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी रहती है, जो कि मरीजों से मनमाना रुपया वसूल कर रही हैं। इस पर भी जिला अस्पताल प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है या यूं कहे की प्राइवेट एंबुलेंस के संचालकों से अस्पताल प्रबंधन की सांठगांठ के चलते यह गोरखधंधा जिले में चल रहा है।
मरीज साबिरा ने बताया...
साबिरा बी ने बताया, प्राइवेट एंबुलेंस वाले 400 से 500 रुपये मांग रहे थे। जो कि हमारे पास नहीं थे और मोबाइल भी हम लोगों के पास नहीं हैं तो हम 108 एंबुलेंस सेवा को भी फोन नहीं लगा पाए। मेरे पति मुझे जो कि तांगा चलाकर परिवार चलाते हैं, उन्होंने तांगे में पीछे रखकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।