नौकरशाही में अंदर तक पैठ कर चुके भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला मध्यप्रदेश में सामने आया है। यहां एक वरिष्ठ आईएएस को अपने जूनियर से बजट में अपना हिस्सा मांगते हुए सुना गया है।
आईएएस फोन पर अपने जूनियर से कह रहे हैं कि अकेले खाओगे तो बदहजमी हो जाएगी, तुमने मुझे फोन क्यों नहीं किया। लगभग दो मिनट की बातचीत में जूनियर अधिकारी आईएएस को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें अभी तक कोई पेमेंट नहीं मिला है लेकिन वह उनकी सुनने को तैयार ही नहीं हैं।
जूनियर अधिकारी अपने पिता की भी कसम खाते सुने जा रहे हैं लेकिन उनकी दलीलों का वरिष्ठ अधिकारी पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
दोनों अधिकारियों के बीच बातचीत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला मामला मुख्यमंत्री के सामने भी पहुंच गया, जिसके बाद उन्होंने आरोपी अधिकारी के ट्रांसफर करने के आदेश देते हुए मामले की जांच अपर मुख्य सचिव को सौंप दी है।
मुख्यमंत्री ने दिए हटाने के आदेश
मामला जुड़ा है मध्यप्रदेश के राज्य आदिम जाति कल्याण विभाग में तैनात जेपी मालपानी से जो अपने जूनियर आरके सोती से अपरोक्ष रूप से लेनदेन की मांग कर रहे हैं। असल में राज्य पीसीएस संवर्ग से आईएएस में पदोन्नत हुए मालपानी के पास आदिम जाति कल्याण आयुक्त का पदभार है।
ऑडियो के अनुसार उन्होंने निमाड जिले में तैनात सहायक आयुक्त आरके सोती को फोन मिलाया। मालपानी की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी बजट में से उनका हिस्सा उन तक नहीं पहुंचाया है।
इसी को लेकर नाराजगी जताते हुए मालपानी कहते हैं कि फोन तो तुम्हे करना चाहिए था लेकिन मुझे करना पड़ रहा है। अकेले अकेले खाओगे तो बदहजमी हो जाएगी। इस पर सोती कहते हैं कि कि अभी तक विभाग की ओर से कोई पेमेंट नहीं हुआ है, अगर हुआ होता तो वो उनसे जरूर मिलते।
मालपानी फिर नाराजगी जताते हुए कहते हैं कि तुम हमेशा भाषणों का जूस पिला देते हो देते कुछ नहीं। हालांकि बातचीत के दौरान सीधे सीधे मालपानी पैसे मांगते तो नहीं दिख रहे हैं लेकिन उनकी बातचीत से उनके शब्दों का भावार्थ जानना मुश्किल नहीं है।
कुछ इस प्रकार चली अधिकारियों में बातचीत
मालपानीः वो मैंने लगाया था... (फोन के संदर्भ में) लगाना आपको चाहिए था लेकिन आपने लगाया नहीं।
सोतीः नहीं सर..... मैने भी लगाया था दिवाली के लिए.....लेकिन लगा नहीं था। ....मैंने बताया था श्वेता मैडम को। श्वेता मैडम से आपकी बात भी हुई होगी।
मालपानीः आप आओगे या नहीं आओगे ....बदहजमी हो जाएगी आपको अकेले अकेले खाओगे तो। ये बता रहा हूं ......बहुत ज्यादा वो हो रहा है।
सोतीः सर कोई पेमेंट नहीं हो रहा है एक रुपये का पेमेंट नहीं हुआ है, अभी मैं कलेक्टर के यहां बैठा हूं।
मालपानीः चलो मैं पूछ लेता हूं....।
सोतीः नहीं सर पेमेंट होते ही मैं खुद आता आपसे मिलने आता, लेकिन अभी कुछ मिला ही नहीं।
मालपानीः (नाराज होते हुए) ......आप सीधे भाषणों का जूस पिला देते हो।
सोतीः नहीं सर ऐसा नहीं है, आपको यकीन न हो तो मैं अपने पिताजी की कसम खा लेता हूं।
मालपानीः कसम वसम मत खाओ मैं इस बारे में अब कोई बात नहीं करुंगा।
सोतीः सर अभी एक पैसे का पेमेंट नहीं हुआ है, पिछला वाला सारा लैप्स हो गया है, मैं बहुत जल्द मिलूंगा आपसे।
और मालपानी की तरफ से फोन काट दिया जाता है।