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फिर खुलेगी सुनील जोशी हत्याकांड की फाइल, प्रज्ञा की भूमिका जांची जाएगीः पीसी शर्मा

Tue, 21 May 2019 02:25 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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साध्वी प्रज्ञा - फोटो : Social media
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भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सुनील जोशी हत्याकांड में उनकी भूमिका की जांच के लिए बंद हो चुकी फाइल को दोबारा खोला जाएगा। यह जानकारी मध्यप्रदेश जनसंपर्क एवं विधि मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

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उन्होंने कहा कि मैं प्रज्ञा को साध्वी कभी नहीं कहूंगा क्योंकि उन्होंने महत्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही कहा है। इन बयानों से लगता है कि उस हत्याकांड में उनका हाथ था। बता दें कि 29 दिसंबर 2007 को मध्यप्रदेश के देवास में सुनील जोशी की हत्या हुई थी। प्रज्ञा सहित सभी आठ आरोपियों को एक फरवरी 2017 को एनआईए की अदालत ने बरी कर दिया था। 

कमलनाथ सरकार ने देवास के जिला कलेक्टर से सुपनील जोशी मामले की रिपोर्ट मांगी है। रिपार्ट में पूछा गया है कि आरएसएस के प्रचारक जोशी की हत्या में प्रज्ञा के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया है? जबकि पीड़िता इसकी शिकायत कर चुकी है। शर्मा ने कहा कि हम उन्हें (प्रज्ञा) बरी किए जाने के खिलाफ उच्च अदालत में जाने पर विचार कर रहे हैं। 
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यह मामला 2011 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया था ताकि देश में उस वक्त कथित 'भगवा आतंकवाद' के आरोपों की जांच की जा सकें। इस मामलें में प्रज्ञा ठाकुर सहित हर्षद सोलंकी, रामचरण पटेल, वासुदेव परमार, आनंदराज कटारिया, लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी और जितेंद्र शर्मा को आरोपी बनाया गया था। इन पर हत्या, साक्ष्य छुपाने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

2009 में एनआईए ने बंद कर दिया था केस

सुनील जोशी की हत्या साल 2007 में देवास में हुई थी। उनका नाम मक्का मस्जिद, समझौता धमाके और मालेगांव धमाके में आया था। 23 अक्तूबर 2008 को देवास पुलिस ने प्रज्ञा ठाकुर और अन्य आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में एसपी के आदेश पर 25 मार्च 2009 को यह मामला बंद कर दिया गया था।

साध्वी प्रज्ञा

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से जुड़ी हुई हैं और उनकी गिरफ्तारी मालेगांव ब्लास्ट केस में की गई थी। प्रज्ञा ठाकुर कई तरह की बीमारियों से जूझ रही हैं। भाजपा ने उन्हें भोपाल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा है। एग्जिट पोल में वह सिंह से आगे नजर आ रही हैं। 

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