मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव में नेताओं के बयानों से सियासी माहौल गरमाने लगा है। पूर्व सीएम कमलाथ के घोषणावीर और जेब में नारियल लेकर चलने वाले बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया है। शनिवार को एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'हां, मैं नारियल लेके चलता हूं, तो कमलनाथ ताला लेके चलते हैं ताला... और वो ताला सरकार आने पर जो मेरी योजनाएं, भारतीय जनता पार्टी की सरकार की योजनाएं हैं, उन योजनाओं को बंद करके ताला डाल देते हैं।
जनकल्याण की योजना पर ताला लगाया
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर कमलनाथ ने बैगा, भारिया, सहरिया बहनों के आहार अनुदान के एक हजार रुपया बंद करा दिया। संबल योजना पर ताला डाल दिया। गरीबों के कल्याण की योजना बंद कर दी। सीएम ने कहा कमलनाथ सरकार आई तो उन्होंने मेरे बच्चों की साइकिल की योजना बंद करके ताला डाल दिया , लैपटॉप योजना बंद करके उसपर ताला डाल दिया, इन्होंने तो कन्या विवाह करके बेटियों को पैसा नहीं दिया और उनके भविष्य पर भी ताला डाल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा बुजुर्गों के लिए तीर्थ दर्शन योजना बनाई वो योजना भी बंद कर दी और उस योजना पर भी ताला डाल दिया। उन्होंने कहा मैं नारियल लेके चलता हूं , क्योंकि मैं विकास और जनकल्याण करता हूं। कमलनाथ और उनके नेता ताला लेके योजनाओं पर ताला लगाने का काम करते हैं।
नकुलनाथ और जयवर्धन के भविष्य का चुनाव
पीसीसी चीफ कमल नाथ के प्रदेश के भविष्य का चुनाव हैं कहने वाले बयान पर शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने यह चुनाव नकुलनाथ और जयवर्धन के भविष्य का चुनाव बना दिया। मध्य प्रदेश में खड़गे जी ने कमलनाथ को टिकट बांटने की फ्रेंचाइजी दे दी हैं। फ्रेंचाइजी लेकर कमलनाथ जी किसी की नहीं सुन रहे। कमलनाथ, नकुलनाथ को और दिग्विजय जी, जयवर्धन को स्थापित कर रहे हैं।
न खरगे,ना राहुल किसी की नहीं सुन रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का सर्वे नहीं, दिल्ली की सुनना नहीं, इंडी गठबंधन को अपमानित कर रहे हैं। अब वो ना तो इंडी गठबंधन वालों की सुन रहे हैं, ना खड़गे जी की सुन रहे हैं। कमलनाथ जी ना मैडम सोनिया गांधी, ना राहुल गांधी और ना प्रियंका गांधी की सुन रहे हैं। वो तो सिर्फ अपनों को स्थापित करने के काम में लगे हैं।