जनसभा को संबोधित करतीं मायावती
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विधानसभा चुनाव के चलते लगातार तमाम राजनीतिक पार्टियों से स्टार प्रचारक और अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए प्रदेश भर के दौरे पर हैं। फिर चाहे वह कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी या फिर अन्य कोई दल के नेता हो। अपना-अपना दमखम दिखाते हुए चुनावी मैदान में है। अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने के साथ ही जनता से वोट की अपील लेकर बुधवार को बासपा सुप्रीमो मायावती एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंची और SAF मैदान पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस समेत केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा।
EVM पर फोड़ा ठीकरा
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने किसी दल से समझौता नहीं किया। इस दौरान बसपा प्रमुख ने बीजेपी सहित कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अगर ये पार्टियां दलित, शोषित और वंचित का ख्याल रखती, तो काशीराम को अलग पार्टी न बनानी पड़ती, इस दौरान मायावती ने उत्तरप्रदेश के पिछले चुनाव में हार का कारण EVM को बताया और कहा कि कांग्रेस और बीजेपी आरक्षण ख़त्म करने का काम कर रहीं हैं, जब कि दलित, पिछड़ों को निजी क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए था।
धन कुबेरों के धन से चलने वाली पार्टियां
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने काशीराम के निधन पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया, इतना ही नहीं महिलाओं के लिये दिये गये 33 प्रतिशत आरक्षण में भी एसटी, एससी, और ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का प्रतिशत तय नहीं किया गया, जिससे बीजेपी और कांग्रेस की मानसिकता प्रदर्शित होती है, बीजेपी सहित अन्य दलों पर कटाक्ष करते हुए मायावती ने कहा कि ये धनकुबेरों के धन से चलने वाली पार्टियां हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के परिश्रम से चलने वाली पार्टी है।