गुना में पुलिस पर हमले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय बैठक की।
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शिवराज ने बुलाई आपात बैठक
इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस शामिल हुए। डीजीपी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। उनके अलावा एडीजी इंटेलिजेंस, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। गुना प्रशासन के बड़े अधिकारी भी वर्चुअली बैठक में शामिल हुए।
गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए-नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा है कि गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में एक एसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों की हत्या "शिवराज नहीं-गुंडाराज" का प्रमाण है! जब पुलिस ही असुरक्षित है तो आमजन की सुरक्षा कौन करेगा? जो गृहमंत्री अपने ही कर्मियों की रक्षा नहीं कर सके, वे नैतिकता के नाते इस्तीफा दें। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि 'गुना जिले के आरोन थाने में सब इंस्पेक्टर जाटव, प्रधान आरक्षक भार्गव व आरक्षक मीना की हिरण के शिकारियों ने हत्या कर दी। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। पुलिस से अनुरोध करता हूं कि इन अपराधियों की जांच कर इन्हें कठोर से कठोर सजा दिलवाएं। तीनों पुलिसकर्मी परिवारों को मेरी संवेदनाएं। इन तीनों पुलिसकर्मी परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा, उनके सेवानिवृत्त होने के समय तक का पूरा वेतन, उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा व एक परिजन को शासकीय अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल दें।'