मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस दौरान जब उन्होंने सिंगरौली जिले की एक छात्रा प्रज्ञा जायसवाल का रिजल्ट देखा तो हैरान रह गए। दरअसल, प्रज्ञा ने 10वीं की परीक्षा में पूरे 500 में से 500 अंक हासिल किए हैं और पूरे प्रदेश में टॉप किया है। यह नतीजा देखकर मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा विभाग वाले पुराने रिकॉर्ड निकालो और देखो कि आखिरी बार कब किसी छात्र को पूरे नंबर मिले थे।" लेकिन उस समय किसी अधिकारी के पास इसका जवाब नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर बेटियों ने कमाल किया है। इस बार 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में बेटियों ने टॉप किया है। उन्होंने कहा कि लड़कों को भी उतना ही समय पढ़ाई के लिए मिलता है, फिर भी वे पीछे क्यों रह जाते हैं, यह उन्हें खुद समझना होगा।
सिंगरौली की बेटी प्रज्ञा जायसवाल ने रचा इतिहास
प्रज्ञा जायसवाल मध्य प्रदेश के छोटे से जिले सिंगरौली की रहने वाली हैं। उन्होंने एमपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 500 में से पूरे 500 अंक लाकर सबको चौंका दिया है। प्रज्ञा के पिता का नाम विनय कुमार जायसवाल है, जो पेशे से शिक्षक हैं।
खास बात यह है कि प्रज्ञा ने बिना किसी कोचिंग के यह शानदार सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार को गर्व है, बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रज्ञा ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है।
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प्रज्ञा को विषयवार ऐसे मिले नंबर:
अंग्रेजी: 75 अंक थ्योरी + 25 इंटरनल = 100 अंक
हिंदी: 75 अंक थ्योरी + 25 इंटरनल = 100 अंक
संस्कृत: 75 अंक थ्योरी + 25 इंटरनल = 100 अंक
गणित: 75 अंक थ्योरी + 25 इंटरनल = 100 अंक
विज्ञान: 75 अंक थ्योरी + 25 प्रैक्टिकल = 100 अंक
सामाजिक विज्ञान: 72 अंक थ्योरी + 28 इंटरनल = 100 अंक
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हर विषय में शत-प्रतिशत अंक पाकर प्रज्ञा ने इतिहास रच दिया है और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं।