मुरैना में ऑनर किलिंग का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सबको दहला दिया है। बेटी की मोहब्बत का एक परिवार दुश्मन बन गया और एक दादा ने समाज में अपनी इज्जत की खातिर अपनी ही पोती को गोली मार जान ले ली। बेटी की मौत के बाद परिजनों ने ऐसी झूठी कहानी रची कि पुलिस को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। परिजनों ने इस हत्या को जमीनी विवाद बताकर विरोधी पर हत्या का आरोप लगा दिया। पुलिस ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की तो पूरी कहानी सामने आ गई।
मध्य प्रदेश का चंबल इलाका, जहां अभी भी परिवार की इज्जत के नाम पर छोटी सी गलती के लिए बहू बेटियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। मामला मुरैना जिले की बागचीनी थाना इलाके के बदरपुरा गांव का है, जहां बेटी के प्रेम प्रसंग से तंग आकर नाराज परिवार के लोगों ने ही युवती को तीन गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक युवती का नाम मलिश्का है और हत्या का आरोप उसके दादा पर ही है। दादा दूसरी समाज के लड़के से प्यार करने से नाराज था। उसने पोती के सिर से कट्टा सटाकर तीन गोली मारीं। इसके बाद पुलिस को झूठी कहानी बनाई। शक होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो ऑनर किलिंग का मामला सामने आया।
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हत्या के बाद मृतक युवती का दादा सिरनाम पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने पुलिस को बताया कि उसके परिवार का गांव के ही भीकम से जमीन विवाद चल रहा है। आठ साल पहले उसने भीकम से छह बीघा खेत छह लाख रुपए में खरीदा था। उसकी रजिस्ट्री आज तक नहीं की है। इस विवाद में भीकम के बेटे ने बदला लेने के लिए पोती की हत्या कर दी।
मृतक युवती मलिश्का के पिता लाखन सिंह को पता था कि बेटी को दादा ने ही मारा है। वह बागचीनी थाने में बैठकर रिपोर्ट लिखवा रहा था, लेकिन घबराहट में बार-बार बयान बदल रहा था। उसकी घबराहट से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो मृतक युवती का पिता लाखन सिंह टूट गया और पूरी घटना की सच्चाई बता दी। पुलिस ने आरोपी दादा सहित अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है और अभी पूछताछ जारी है।
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बता दें मृतक युवती मलिश्का अपने चाचा के साले के साथ रिश्ते में थी। परिवार को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी, क्योंकि दोनों एक ही समाज के थे और रिश्तेदारी भी थी। फिर मलिश्का का गांव के ही अन्य जाति के युवक अफेयर हो गया। जब परिवार को इसका पता चला तो उन्होंने बेटी को समझाया। मलिश्का नहीं मानी तो दादा सिरनाम सिंह को समाज और गांव में बदनामी सहन नहीं हुई, सिरनाम सिंह ने पोती की हत्या करने का मन बना लिया। इसके बाद सिरनाम रात करीब 9.30 बजे मलिश्का को गांव के बाहर मुख्य रोड पर बने यात्री प्रतीक्षालय के पास ले गया। सिरनाम ने उसके सिर और गले के बिल्कुल पास से तीन गोलियां मारीं। इसके बाद भागकर घर आ गया। गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे भागकर घर आते देख लिया था, जिसने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
मृतका मलिश्का