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डॉक्टरों ने जिंदा महिला को घोषित किया मृत, अस्पताल में जमकर हंगामा

Mon, 08 Jan 2018 06:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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प्रसूता की मौत, महाराजपुर स्वाथ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप
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दिल्ली में मैक्स अस्पताल में जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने की घटना बहुत चर्चित हुई थी। अब मध्यप्रदेश के छतरपुर में चिकित्सकीय लापरवाही की घटना सामने आई है। बच्चे को जन्म देने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई, जहां बिना जांच के उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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लेकिन जब परिजन उसे घर लेकर आए और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए थे तो मृत घोषित कर दी गई महिला के शरीर में हलचल हो रही थी। इस लापरवाही के बाद मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। 

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मध्यप्रदेश के छतरपुर में वार्ड नंबर 12 कुसमा के रहनेवाले अरविंद अहिरवार की पत्नी भागवती अहिरवार मां बनने वाली थीं। परिजन उन्हें 5 जनवरी को डिलीवरी के लिए महाराजपुर स्वाथ्य केंद्र लेकर आए। वहां भागवती ने बच्ची को जन्म दिया जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। वह पेट में भयंकर दर्द से छटपटाने लगी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकीय कर्मचारियों को इसके बारे में बार-बार बताया लेकिन उन्होंने प्रसूता पर ध्यान नहीं दिया। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत बताकर घर ले जाने को कह दिया। 

गमजदा परिवार भागवती के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गया। लेकिन जब उन्होंने भागवती के शरीर में हरकत देखी तो उनका माथा ठनक गया। भागवती की सास के अनुसार उनका बेटा अरविंद इंदौर में रहता है। सूचना मिलने पर वह उसी समय घर लौटा था। उसे देखकर भागवती ने आंखें खोली और उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। यह देखकर वहां मौजूद परिजन चौंक गए और तुरंत सरकारी एंबुलेंस बुलाया।
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एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हुआ

छतरपुर जिला अस्पताल
जब वे मरीज को लेकर छतरपुर जिला अस्पताल जा रहे थे, तभी रास्ते में एम्बुलेंस में लगे ऑक्सीजन सिलेंडर का ऑक्सीजन खत्म हो गया। जिससे मरीज की रास्ते में ही मौत हो गई। जब वे अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने मरीज को फिर से मृत घोषित कर दिया। उधर, एम्बुलेंस का ड्राइवर मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर वहां से भाग निकला। 

डॉक्टर के मुताबिक, जब मरीज अस्पताल लाई गई थी, उससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने बताया कि जब जांच किया गया तो मरीज की प्लस रेट और सांस थम चुकी थी। डॉक्टर के मुताबिक करीब आधा घंटा पहले मरीज की मौत हो चुकी थी।

मरीज की मौत की खबर पाकर उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। भागवती के परिजनों ने इस मौत के लिए महाराजपुर अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। जिला अस्पताल में हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने बीच-बचाव किया और पीड़ित परिजनों को समझा-बुझाकर लाश का अंतिम संस्कार कराने के लिए घर वापस भेजा।
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