घटनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारी और पुलिस
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मध्यप्रदेश के कटनी जिले में बाबा भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति तोड़ने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटनास्थल पर बड़ी तादाद में लोगों ने पहुंचकर प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मामले की दोबारा जांच करने और आरोपी पति-पत्नी को रिहा करने सहित चार सूत्रीय मांग रखी है। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग समेत प्रशासनिक अधिकारी अपने दल-बल के साथ मौके पर मौजूद रहा।
दरअसल, लमतरा ब्रिज से लगी निजी भूमि पर राजेश पटेल और उसकी पत्नी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित की थी। उसे तोड़े जाने के आरोप में पुलिस ने राजेश पटेल और उसकी पत्नी सुलेखा पटेल को हिरासत में लेकर कार्रवाई जारी रखी हुई है। इसे लेकर भारी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के लिए डेढ़ एकड़ की जमीन, आरोपी पति-पत्नी को रिहा करने, मामले की जांच में एससीएसटी वर्ग के अधिकारी को शामिल करने सहित नंदन गौर की जमीन का दोबारा सीमांकन कराने की मांग रखी।
प्रदर्शनकारियों में शामिल रहे राजेश जाटव सहित सोहन चौधरी ने बताया कि बाबा साहब की मूर्ति तोड़ने का मामला समाने आया था। उसके बाद हम लोग यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जिसने मूर्ति स्थापित की वह मूर्ति क्यों तोड़ेगा। हमने ऐसे कई सवालों को लेकर प्रशासन से चर्चा की है। वहीं, हमारी चार मांगें हैं जिन्हें प्रशासन के समक्ष रखा है।
पूरे मामले पर एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने बताया कि मूर्ति चोरी कर खंडित करने का मामला सामने आया था। उसके बाद मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने अपनी मांग रखी है, जिसे उच्चाधिकारियों से बात करके पूरा किया जाएगा। सीएसपी विजय प्रताप के मुताबिक, मामला निजी भूमि से जुड़ा है। उस पर कई मामलों में आरोपी रहे राजेश पटेल ने कब्जे की नीयत से काम किया था। इसी बीच भूमि स्वामी नंदन गौर ने बाबा साहब की मूर्ति चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी पति राजेश और पत्नी सुलेखा को हिरासत में लिया है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग रखी है जिसे पूरा किया जाएगा।