राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करना कानूनी अपराध है, लेकिन उसके बावजूद कुछ लोग मोर का शिकार करने से बाज नहीं आते हैं। मंदसौर की गरोठ और सीतामऊ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई करते हुए ग्राम खेजड़िया से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के मकान में बने कमरे से पांच मोर और शिकार में उपयोग में लाई जाने वाली बंदूक, कारतूस, बारूद और छर्रे जब्त किए हैं। मौके से चार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार, सीतामऊ थाना प्रभारी दिनेश प्रजापति और गरोठ थाना प्रभारी कमलेश सिंगार को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि पारली रोड ग्राम खेजड़िया में बाबर खां पिता मिस्र खान का एक पक्का घर बना है. जिसमें लाइन से तीन-चार कमरे हैं। उन्हीं बने हुए कमरों में से पहले वाले कमरे में बाबर खान और उसके बेटों व पत्नी ने एक कमरे में पांच जिंदा मोर को पैर बांधकर रखा हुआ था। यह सभी लोग मोर का शिकार करते हैं, फिर उनको मारकर उनका मांस खाते और बेचते भी हैं।
सूचना पर उप निरीक्षक रूप सिंह बेस द्वारा टीम के साथ आरोपी बाबर खां के निजी मकान ग्राम खेजड़िया पर दबिश दी गई। जहां से बंद कमरे मे बंधक बनाए गए पांच मादा मोर तथा एक टोपीदार बंदूक दो नाल, दो जिंदा राऊण्ड 12 बोर के, दो खाली राऊण्ड 12 बोर के, गन बारूद तथा छरे जब्त कर आरोपी समीर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी समीर से मौके से फरार लोगों का नाम पता पूछने पर आरोपी बाबर पिता मीरू खां, जाहिदा बी पति बाबर खान, शेर आलम पिता बाबर खां, शहजाद पिता बाबर खान निवासी खेजड़िया का होना बताया। थाना वापसी पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 416/ 23 धारा 9,39,51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया जा रहा है। जब्त शुदा फायर आर्म्स के स्रोत तथा अन्य वन्य संरक्षित प्राणियों के संबंध में पूछताछ जारी है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल...
निरीक्षक दिनेश प्रजापति थाना प्रभारी सीतामऊ, निरीक्षक कमलेश सिंगार थाना प्रभारी गरोठ, उनि रूपसिंह बैंस, उनि सुभाष गिरी थाना गरोठ, सउनि रूपसिंह झाला. प्रआर 25 जुल्फीकार प्रेमनारायण प्रआर 192 संजीव त्रिवेदी, प्रआर चालक वीरेन्द्र सिंह, आर 834 अरूण शर्मा, आर 702 विजय सौलंकी आर 742 अर्जुन सिंह, आरक्षक 464 रणजीत सिंह, सैनिक 22 कचरूलाल का विशेष योगदान रहा।