मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतर गांव से एक अत्यंत मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां मात्र 11 वर्षीय नाबालिग छात्र ऋतुराज द्विवेदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
पढ़ाई को लेकर हुई सामान्य डांट बनी कारण
परिजनों के अनुसार, ऋतुराज कक्षा छठवीं में पढ़ता था। घटना वाले दिन वह स्कूल जाने और पढ़ाई करने को लेकर अनिच्छुक था। इसी बात पर उसकी मां ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने की समझाइश देते हुए डांटा था। बताया जा रहा है कि यह डांट सामान्य पारिवारिक थी, लेकिन ऋतुराज ने इसे गहराई से ले लिया और भावनात्मक रूप से टूट गया।
कमरे में गया, फिर नहीं खुला दरवाजा
मां की डांट के बाद ऋतुराज घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। परिजनों को लगा कि वह कुछ देर में शांत होकर बाहर आ जाएगा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। जब दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, तो ऋतुराज फांसी के फंदे पर लटका मिला।
बचाने के प्रयास असफल, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
घटना देख परिजनों ने तुरंत ऋतुराज को नीचे उतारकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसकी मौत की पुष्टि होते ही घर में कोहराम मच गया। माता-पिता बदहवास हो गए और परिजन गहरे सदमे में नजर आए।
गांव में शोक का माहौल
घटना की जानकारी मिलते ही कोतर गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋतुराज शांत स्वभाव का, मिलनसार और सामान्य पढ़ाई करने वाला बच्चा था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतनी कम उम्र में उसने इतना कठोर कदम उठा लिया।
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पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की
सूचना मिलने पर ताला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक डांट से उत्पन्न मानसिक आघात का प्रतीत हो रहा है।
पुलिस द्वारा परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि घटना के पीछे कोई अन्य दबाव या कारण तो नहीं था। फिलहाल मामले में किसी प्रकार की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है और जांच जारी है।