मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने वाले 32 वर्षीय युवक को दो बार मृत्युदंड की सजा सुनाई है। आरोपी इससे पहले भी बच्ची की रिश्तेदार से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
घटना खिरकारी गांव की है। 4 फरवरी 2021 को 4 साल की बच्ची घर के बाहर भाई-बहन के साथ खेल रही थी। बच्ची के माता-पिता गरीब मजदूर हैं। तभी आरोपी बंटी उर्फ विश्राम रजक उसे बहला-फुसलाकर घर से दूर खेत की तरफ ले गया। वहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजन जब बच्ची की तलाश कर रहे थे तब उन्हें बेहोश हालत में वह खेत के पास मिली थी। उस समय बच्ची के दादा ने बंटी को वहां से भागते हुए देखा था।
हत्या और पॉक्सो के तहत दर्ज हुआ केस
बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। फोरेंसिक रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई। साथ यह साफ हुआ कि मौत गला दबाने से हुई है। गवाहों के बयानों को सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट ने इसे रेअरेस्ट ऑफ रेअर केस माना। साथ ही आरोपी को दोहरा मृत्युदंड सुना दिया। आईपीसी की धारा 376A और धारा 302 के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट (पॉक्सो) 2012 के तहत भी मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।
छह महीने जेल रह चुका है आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी को पहले बच्ची की रिश्तेदार के साथ दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे केस रजिस्टर होने के छह महीने बाद तक जेल में रखा गया था। आरोपियों ने परिवार को गंभीर परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। उसने जेल से छूटते ही चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी।