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मध्यप्रदेश: इंदौर में आधुनिक पद्धति से होगा आंखों की बीमारियों का इलाज, लेसिक और लेजर मशीनों से होगा ऑपरेशन...

Wed, 16 Feb 2022 12:45 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में अब आंखों की बीमारियों का इलाजा अत्याधुनिक तकनीक से होगा। 1 मार्च से उत्कृष्ट नेत्र विज्ञान संस्थान शुरू हो रहा है। इसमें विश्वस्तरीय सुविधाएं रहेंगी। कार्निया, रेटीना और बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारियों का इलाज होगा।
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इंदौर में 1 मार्च से शुरू होगा उत्कृष्ट नेत्र विज्ञान संस्थान, काम लगभग हो चुका है पूरा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आंखों की बीमारियों के इलाज के लिए इंदौर में अब विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। 1 मार्च से उत्कृष्ट नेत्र विज्ञान संस्थान (एक्सीलेंस आई साइंस सेंटर) शुरू हो जाएगा। इसमें कार्निया, रेटीना और बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारियों सहित अन्य बीमारियों का इलाज होगा। सेंटर में लेसिक और लेसर की अत्याधुनिक मशीन से आंखों का ऑपरेशन किया जाएगा।
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पलासिया क्षेत्र में यह आई सेंटर स्थित है। संभागायुक्त डॉ. पवनकुमार शर्मा ने इसके नए भवन का निरीक्षण किया और सभी स्थितियां देखने के बाद 1 मार्च से इसे प्रारंभ कर इसमें ओपीडी सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त के साथ अपर आयुक्त रजनी सिंह, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित सहित अन्य डॉक्टर व अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने डीन डॉ. दीक्षित को एक सप्ताह में नियुक्त सभी डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ को 1 मार्च से यहां अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने को कहा है। उन्होंने नए भवन में बनाई गई ओपीडी, मॉड्यूलर रूम एवं अन्य कक्षों का निरीक्षण किया। अस्पताल में जरूरी सभी आवश्यक मशीनें, दवाइयां एवं अन्य उपकरणों की जानकारी ली और आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति के लिए भी दिशा निर्देश दिए।
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निरीक्षण करते संभागायुक्त व अन्य। - फोटो : सोशल मीडिया

इलाज के अलावा रिसर्च व फैलोशिप की भी सुविधा
उत्कृष्ट नेत्र विज्ञान संस्थान 40 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसका उद्देश्य यही है कि स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी हो और बेहतर व आधुनिक इलाज मिल सके। अक्टूबर 2021 में इसे  शुरू करने की योजना थी लेकिन नए भवन में काम पूरा नहीं हो सका था। इसके बाद कोरोना की तीसरी लहर आ गई। अब यह लगभग तैयार हो चुका है और 1 मार्च से शुरू होने की स्थिति में है। इस सेंटर में आंखों से संबंधित सभी बीमारियों का इलाज होगा। इसके लिए 15 करोड़ रु. से ज्यादा के आधुनिक उपकरण व मशीनों के ऑर्डर पहले हो चुके हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित के मुताबिक सेंटर में लेसिक और लेसर की अत्याधुनिक मशीन से आंखों का ऑपरेशन किया जाएगा। कार्निया, रेटिना और बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारी सहित सभी बीमारियों का इलाज होगा। स्पेशल फॉर ऑप्थेल्मोलॉजी के तहत डायबिटीक क्रेटिनो व कम वजन के नवजात बच्चे जिन्हें ज्यादा ऑक्सीजन मिलने से आंखों की बीमारी हो जाती है, उनका इलाज होगा। अंधत्व (ब्लाइंडनेस) से संबंधित सभी बीमारियों के इलाज के लिए विश्व स्तरीय सुविधा रहेगी। इसके अलावा यहां छात्रों के लिए रिसर्च व फैलोशिप के अलावा उच्च शिक्षा संबंधी सुविधाएं होंगी।
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